इस बीच एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है, जबकि स्कूलों में गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। नर्मदापुरम की एक अभ्यर्थी ने बताया कि दो-दो परीक्षाएं पास करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से वे मानसिक रूप से परेशान हो चुकी हैं। उनका कहना है कि बार-बार विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उनका आरोप है कि जॉइनिंग की तारीख पूछने पर उन्हें टाल दिया जाता है और कई बार अपमानजनक जवाब भी दिए जाते हैं। दस्तावेज सत्यापन के लिए भी कई बार बुलाया गया, जिससे परेशानी और बढ़ी।
अन्य अभ्यर्थियों ने कहा कि मेरिट में नाम आने पर जहां खुशी थी, वहीं अब नियुक्ति में देरी से निराशा छा गई है। समाज और परिवार के सामने जवाब देना मुश्किल हो रहा है। अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया कई वर्षों से चल रही है। सत्र 2021-22 में नोटिफिकेशन जारी हुआ, इसके बाद प्री और मुख्य परीक्षाएं हुईं और 2025-26 में रिजल्ट तथा दस्तावेज सत्यापन पूरा हुआ।
नियमों के अनुसार तीन महीने के भीतर जॉइनिंग मिल जानी चाहिए थी, लेकिन सात महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी नियुक्ति अधर में है। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने सरकार और डीपीआई (DPI) से मांग की है कि जल्द से जल्द जॉइनिंग और स्कूल आवंटन किया जाए, ताकि नए सत्र में पढ़ाई शुरू कराई जा सके।