मुनीर को बहुत ज्यादा ताकत
टर्क ने कहा कि 27वां अमेंडमेंट प्रेसिडेंट और फील्ड मार्शल को क्रिमिनल केस और गिरफ्तारी से ताउम्र बचाता है। इसे ह्यूमन राइट्स फ्रेमवर्क और कानून के राज के तहत सेना के डेमोक्रेटिक कंट्रोल की नींव कहा जा सकता है। मुझे चिंता है कि इन बदलावों से लोकतंत्र और कानून के राज के उन सिद्धांतों पर दूरगामी असर पड़ सकता है, जो बेहतर समाज के लिए जरूरी हैं।पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने 13 नवंबर को 27वें कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट (संविधान संशोधन) पर दस्तकखत करते हुए इसे कानून बनाया है। इस संशोधन से पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ असीम मुनीर की ताकत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इस बदलाव ने उनको पाकिस्तान का सबसे ताकतवर शख्स बना दिया है। वह अब प्रधानमंत्री से कहीं ज्यादा ताकत रखते हैं।


