बढ़ेगा संबंधों में तनाव!
संसद में फिदान का जानबूझकर कश्मीर का जिक्र करना भारत और तुर्की के संबंधों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना सकता है। दोनों देशों के संबंध पहले ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की की पाकिस्तान को मदद की वजह से खराब दौर में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की खुलकर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखा था।दो महीने पहले ही सितंबर में तुर्की के प्रेसिडेंट रेसेप तैयप एर्दोगन ने कश्मीर पर बयान दिया था। उन्होंने कश्मीर को एक अहम मुद्दा बताते हुए कहा था कि ये विवाद UN के प्रस्तावों के तहत और संबंधित पार्टियों के बीच बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। तुर्की ने हालिया समय में बांग्लादेश में भी दखल की कोशिश की है।


