Select Date:

ईरान के खिलाफ युद्ध में कूदेगा UAE! होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए सेना भेजने की तैयारी, अमेरिका को भेजा मैसेज

Updated on 01-04-2026 12:17 PM
दुबई: ईरान की अमेरिका और इजरायल से चल रही लड़ाई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी कूद सकता है। यूएई कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य मदद की तैयारी में है। यूएई चाहता है कि बलपूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य का कंट्रोल ईरान से लेते हुए इस समुद्री गलियारे को खोला जाएग। यूएई अगर ईरान के खिलाफ इस जंग में कूदता है तो वह ऐसा करने वाला खाड़ी का पहला देश बन जाएगा।

वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित कराने के लिए पैरवी कर रहा है, जो इस तरह की कार्रवाई को अधिकृत करेगा। यूएई के एक अधिकारी ने कहा कि अमीराती राजनयिकों ने अमेरिका, यूरोप और एशिया की सैन्य शक्तियों से होर्मुज में सेना भेजकर इसे बलपूर्वक खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने का आग्रह किया है।

ट्रंप ने दिए जंग से निकलने के संकेत

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान बंद करने की बात कही है। ट्रंप ने यह संकेत भी दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने सहयोगियों से कहा है कि वे अमेरिका से तेल खरीदें या खुद इस जलडमरूमध्य को खोलें।
ईरान युद्ध में होर्मुज स्ट्रेट एक अहम केंद्र बिंदु बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री रूट को बंद कर दिया है। इसके बंद होने से यूएई और दूसरे खाड़ी देशों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी के देश इसी जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और गैस का निर्यात दुनियाभर में करते हैं।

ईरान पर क्यों भड़का है यूएई

यूएई को उन चुनिंदा मुस्लिम बाहुल्य देशों में गिना जाता है, जिसके इजरायल से काफी अच्छे संबंध हैं। वहीं ईरान से यूएई के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। ये तनाव हालिया दिनों में काफी ज्यादा बढ़ गया है। ईरान में युद्ध शुरू होने यानी 28 फरवरी के बाद यूएई की तेहरान से नाराजगी बढ़ने क दो अहम वजह हैं।
ईरान ने एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट को बंद करते हुए यूएई को आर्थिक झटका दिया है क्योंकि देश की माली हालत तेल-गैस के निर्यात पर निर्भर है। दूसरी ओर ईरान ने यूएई स्थित अमेरिका के आर्मी बेस और दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे यूएई के बड़े शहरों में एक डर और अस्थिरता की स्थिति पैदा हो रही है।

यूएई का अमेरिका पर दबाव

हालिया दिनों में कई ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं, जो कहती हैं कि खाड़ी देश खासतौर से यूएई की ओर से अमेरिका पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का दबाव डाला जा रहा है। यूएई की ओर से ईरान की सैन्य क्षमता खत्म करने के लिए जमीनी हमला करने की मांग की गई है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि यूएई युद्ध में शामिल हो सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.