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बालेन शाह के गृह मंत्री को लेकर मचा बवाल, नेपाल में सरकार बनने के 1 महीने के अंदर ही घिरे, देंगे इस्तीफा?

Updated on 21-04-2026 02:15 PM
काठमांडू: नेपाल में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई बालेन शाह की सरकार पहले महीने में ही मुश्किल में फंस गई है। मार्च के आखिर में प्रधानमंत्री बनने वाले बालेन शाह की कैबिनेट के बेहद अहम सदस्य सुदन गुरुंग मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसके चलते गृह मंत्री सुदन गुरुंग पर पद छोड़ने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। सुदन पर विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट से जुड़ी कंपनियों के शेयर खरीदने का आरोप है। दीपक भट्ट मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल जा चुके हैं।

सुदन के मामले में सोमवार विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस (NC) समेत कई राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। विपक्षी दलों और सिविल सोसायटी का कहना है कि गुरुंग को गृह मंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए। उनको खुद इस्तीफा देना चाहिए या बालेन शाह को उनको पद से हटना चाहिए।

विपक्ष ने उठाए सवाल

एनसी के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने कहा कि मंत्रियों की संपत्ति से जुड़े सवालों का जवाब विश्वसनीय और सबूतों पर आधारित जांच के जरिए दिया जाना चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र के मूल स्तंभ हैं। इसलिए ऐसे मामलों में मंत्री इस्तीफा दें और एक विश्वसनीय, निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की जाए।
एनसी ने कहा कि इस मुद्दे ने एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है और राजनीतिक नैतिकता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। सरकार इसमें तुरंत एक स्वतंत्र, उच्च-स्तरीय जांच शुरू करे। गुरुंग का पद पर बने रहना जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा कर सकता है और संभावित रूप से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव डालने का मौका दे सकता है।

सुदन से इस्तीफे की मांग

राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) के अध्यक्ष राजेंद्र लिंगडेन ने सरकार से गुरुंग के भट्ट के साथ कथित संबंधों पर स्पष्टीकरण की मांग की है। लिंगडेन ने कहा कि सरकार और सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) दोनों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गृह मंत्री को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए और पार्टी नेतृत्व को भी अपना रुख बताना चाहिए।
गुरुंग के पास भट्ट से जुड़ी स्टार माइक्रो इंश्योरेंस में शेयर रखने के मामले पर GenZ रेड फोर्स नेपाल ने नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि गुरुंग का पद पर बने रहना जनता के विश्वास को कमजोर करता है और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। रविवार को सार्वजनिक हुए दस्तावेजों से पता चला कि गुरुंग के पास अपने नाम से स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो इंश्योरेंस में शेयर हैं।

सुदन ने दी सफाई

गुरुंग के इस्तीफे की मांग तेज होने के बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोमवार को आरसीपी नेताओं के साथ बैठक की है। वहीं गुरुंग ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने अपनी वित्तीय जानकारी छिपाई थी। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में उनका कुल निवेश 20 मिलियन रुपए है और इससे जुड़ी तमाम जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं।

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