बेहतर होंगे रिश्ते
इस समझौते के बाद भारतीय नौसेना के युद्धपोत तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य रूसी नौसैनिक अड्डों का उपयोग कर सकेंगे। इसी प्रकार रूसी नौसेना भारतीय सुविधाओं का उपयोग करके हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकेगी।भारत और रूस के बीच घनिष्ठ संबंध है। दोनों देशों ने जरूरत पड़ने पर हमेशा एक-दूसरे का समर्थन किया है। ऐसे में व्लादिमीर पुतिन का भारत का राजकीय दौरा कई मायनों में खास है। यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, खासतौर से स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने की राह तय करेगा।


