लोकतंत्र के खिलाफ
ट्राओरे ने इसी साल अप्रैल की शुरुआत में एक इंटरव्यू में लोकतंत्र को जानलेवा बताया था और कहा था कि देश के लोगों को भूल जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर अफ्रीकी लोग लोकतंत्र की व्यवस्था नहीं चाहते और बुर्किना फासो का अपना एक अलग तरीका है। ट्राओरे ने कहा था कि लोगों को लोकतंत्र को भूल जाना चाहिए। लोकतंत्र हमारे लिए नहीं है। लीबिया को देखिए। यह हमारे पास का ही एक उदाहरण है।ट्राओरे के नेतृत्व में बुर्किना फासो ने देश को धर्मनिरपेक्ष बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पिछले महीने बुर्किना फासो की विधायिका ने धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े कानून को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इस नए कानून का मकसद एक धर्मनिरपेक्ष देश में पूजा की आजादी की गारंटी देना है। इसके पहले मई के आखिर में देश के धार्मिक नेताओं ने बिल के ड्राफ्ट को लेकर विरोध किया था, जिनमें ओआगाडोगू की ग्रैंड सुन्नी मस्जिद के इमाम भी शामिल थे। विरोध के बाद इमाम को गिरफ्तार कर लिया गया था।


