नहीं खोलेंगे होर्मुज: अमेरिका के 'अस्थायी' प्रस्ताव पर ईरान का इनकार, फेल होगा इस्लामाबाद समझौता?
Updated on
06-04-2026 05:22 PM
तेहरान: अमेरिका और ईरान मध्य पूर्व में दुश्मनी खत्म करने के मकसद से बनाए गए एक प्रस्तावित फ्रेमवर्क की समीक्षा कर रहे हैं। इस बीच ईरान ने साफ किया है कि वह अस्थायी सुलह के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा। ईरान के इस ऐलान से पाकिस्तान टेंशन में है, क्योंकि उसी ने अमेरिका के प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया था। पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनने की भी कोशिश कर रहा है, लेकिन दोनों में से किसी भी पार्टी को जिन्ना के देश पर पूर्ण भरोसा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ बनने के बावजूद पाकिस्तान में ऊर्जा संकट चरम पर है और देश लॉकडाउन जैसे हालात का सामना कर रहा है।
'इस्लामाबाद समझौता'पर संकट के बादल
अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें दो चरणों वाली प्रक्रिया की परिकल्पना की गई है। पहले चरण में तत्काल सीजफायर लागू करने की बात है। दूसरे चरण में एक व्यापक और विस्तृत समझौता किया जाएगा। इस प्रस्ताव से परिचित सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर इस प्रक्रिया पर चर्चा के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ लगातार संपर्क में हैं। इस पहल को अस्थायी तौर पर 'इस्लामाबाद समझौता' नाम दिया गया है।
अस्थायी युद्धविराम के लिए होर्मुज नहीं खोलेगा ईरान
रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है, "ईरान अस्थायी सीज़फायर के हिस्से के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा। तेहरान कोई भी फैसला लेने के लिए किसी भी तरह के दबाव या समय-सीमा को स्वीकार नहीं करेगा।" इससे पहले, अमेरिकी मीडिया Axios ने कहा था कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ दो चरणों वाले इस समझौते के हिस्से के तौर पर 45 दिनों के संभावित सीजफायर पर विचार कर रहे थे। यह सीज़फायर मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने का रास्ता खोल सकता है।
ईरान को लगातार धमका रहे ट्रंप
यह घटनाक्रम तब हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को लगातार अल्टीमेटम पर अल्टीमेटम दिए जा रहे हैं। हालांकि, ईरान का बार-बार यही कहना है कि उसके मित्र देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला हुआ है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से ईरान को सोमवार तक की मोहलत दी है। हालांकि, ईरान फिर से वही बात दोहराई कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है।
ट्रंप ने ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दी
ईरान के लिए मंगलवार तक की चेतावनी जारी करते हुए कि यदि उन्होंने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' नहीं खोला, तो उनके बिजली केंद्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा, जिससे वहां नर्क जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "ईरान में मंगलवार का दिन 'पावर प्लांट' और 'ब्रिज डे' के रूप में जाना जाएगा, जो अपनी तरह का अनोखा होगा। मूर्ख लोगों, इस जलमार्ग (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को तुरंत खोलो, वरना नरक जैसी स्थिति झेलने के लिए तैयार रहो - बस देखते जाओ! खुदा की जय हो।"
ईरान को लेकर ट्रंप का रुख क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि अगर तेहरान अमेरिका की मांगें नहीं मानता है तो ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले हो सकते हैं।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान तय टाइमलाइन के अंदर कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके पावर प्लांट और पुलों समेत जरूरी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।
ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया, "अगर वे मंगलवार शाम तक कुछ नहीं करते हैं, तो उनके पास कोई पावर प्लांट नहीं होगा और कोई पुल खड़ा नहीं होगा। ईरान पूरे देश में मौजूद हर पावर प्लांट और हर दूसरे प्लांट को खो सकता है।" यह संभावित हमलों के स्तर को दिखाता है।
ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेता अभी भी बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं, भले ही उन्होंने अपना सख्त रुख बनाए रखा हो। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, "हमने इसे कंट्रोल में कर लिया है, सच में कंट्रोल में है।"
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए सिरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्ते हैं और इसी वजह से…
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…