मृतक की पहचान सचिन पंथी (25) पुत्र मुकेश पंथी, निवासी गणेश मंदिर के पास, अटल अयूब नगर, थाना गौतम नगर के रूप में हुई है। वह चौक बाजार की एक क्रॉकरी दुकान में सेल्समैन था। परिवार में पांच भाई और एक बहन हैं, सचिन तीसरे नंबर पर था।
मृतक के भाई छोटू का आरोप है कि हत्या करने वाला राकेश पंथी, जो रिश्ते में मृतक की बुआ का बेटा है, लंबे समय से परिवार की महिलाओं पर गलत नजर रखता था। खासकर मेरी पत्नी पर वह लगातार अशोभनीय टिप्पणियां करता था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ता गया।
छोटू ने बताया कि करीब 20 साल पहले दादी ने मोहल्ले का एक मकान उनकी बुआ को दिया था। बाद में बुआ और फूफा ने वह मकान किसी और को बेच दिया। लगभग दो महीने पहले उसी मकान को उनके परिवार ने दोबारा खरीद लिया। इसके बाद से आरोपी लगातार नाराज रहने लगा और परिवार के साथ विवाद करने लगा।
20 दिन पहले नए मकान में गृह प्रवेश हुआ था। उसी दिन आरोपी ने घर पहुंचकर मेरी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद रास्ते में आते-जाते वह फब्तियां कसता और टिप्पणी करता था। विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी।
भाई का कहना है कि आरोपी ने कई बार फोन कर मिलने के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं गया। इसके बाद आरोपी ने धमकी दी कि "जो भी सामने मिलेगा, उसे खत्म कर दूंगा।"
कलारी के सामने घेरकर किए चार वार
रविवार रात सचिन घर के पास स्थित कलारी की ओर गया था। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे राकेश ने उसे रोक लिया और चाकू से पेट, सीने और पीठ पर ताबड़तोड़ चार वार किए। गंभीर रूप से घायल सचिन सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर गौतम नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पहले से हत्या के केस में जेल जा चुका है आरोपी
परिजन का दावा है कि आरोपी राकेश पंथी पहले भी हत्या के एक मामले में जेल की सजा काट चुका है। इसी कारण उसके व्यवहार से पूरा परिवार पहले से भयभीत था। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके खिलाफ और कौन-कौन से मामले दर्ज हैं।
कॉल रिकॉर्ड भी जांचेगी पुलिस
परिवार का कहना है कि हत्या से पहले आरोपी लगातार फोन कर धमकियां दे रहा था। पुलिस अब दोनों पक्षों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल चैट की जांच करेगी। इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि हत्या से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई और क्या धमकियां वास्तव में दी गई थीं।