मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। कांग्रेस ने उनके शपथपत्र में 100 से ज्यादा गलतियां बताते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज कर दीं।

वहीं, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। अब 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद हरदीप पुरी का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो सकता है।

कांग्रेस ने की पुरी का नामांकन रद्द करने की मांग

मंगलवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई स्क्रूटनी के दौरान कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी धनोपिया, विधायक हेमंत कटारे और राजकुमार लोहानी ने पुरी के नामांकन पर आपत्तियां दर्ज कराईं। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा के सामने लिखित में आपत्तियां रखते हुए पुरी का नामांकन निरस्त करने की मांग की थी।

रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भाजपा की ओर से मंत्री राकेश सिंह ने अपने वकीलों के साथ पक्ष रखा। वहीं, कांग्रेस की ओर से विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील अपने वकीलों के साथ मौजूद रहें।

इधर, राज्यसभा उपचुनाव के तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना का नामांकन भी निरस्त कर दिया गया। राजकुमार लोहानी के मुताबिक, सायन्ना के नामांकन में प्रस्तावक का नाम नहीं था।


कटारे बोले- शपथपत्र विधिवत स्वॉर्न होना चाहिए

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि चुनाव के लिए दिए जाने वाले शपथपत्र को मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर प्रस्तुत करना जरूरी है। उन्होंने The Conduct of Elections Rules, 1961 का हवाला देते हुए कहा कि पुरी के शपथपत्र पर केवल अटेस्टेड लिखा है, जबकि इसे विधिवत स्वॉर्न यानी शपथपूर्वक होना चाहिए।

कटारे ने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं होने और संपत्ति का विवरण भारतीय रुपए के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नामांकन में 100 से अधिक त्रुटियां हैं। नियमों के मुताबिक, इसे निरस्त किया जाना चाहिए।


सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की चेतावनी

कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी का निर्णय निष्पक्ष और कानून के अनुरूप होना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत फैसला होने पर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में चुनौती दी जाएगी।

धनोपिया बोले- शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर त्रुटियां

कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने आरोप लगाया कि हरदीप पुरी के नामांकन के साथ दिए गए शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर त्रुटियां हैं। उन्होंने कहा कि शपथपत्र में विधिवत शपथ और सत्यापन नहीं है।

नोटरी के सामने शपथ लेने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई है। इसके अलावा संपत्ति का ब्योरा अलग-अलग विदेशी मुद्राओं में दिया गया है और परिवार के सदस्यों की जानकारी भी पूरी नहीं है। धनोपिया ने कहा कि इन सभी आपत्तियों को लिखित में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने रखा गया है।


लोहानी का फॉर्म-26 जमा नहीं होने पर नामांकन निरस्त

कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नामांकन फॉर्म-26 जमा नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया। लोहानी ने कहा कि उनका दस्तावेज ई-मेल से भेजा गया था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों ने कहा कि दस्तावेज निर्धारित समय पर व्यक्तिगत रूप से जमा होना चाहिए था।

लोहानी के मुताबिक, उनके वकील ने दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी हरदीप पुरी के नामांकन पर आपत्ति के बाद भाजपा को जवाब देने का मौका दिया गया।

लोहानी ने इसे पक्षपात बताते हुए सवाल उठाया कि जब उनके मामले में अतिरिक्त समय नहीं दिया गया, तो भाजपा को यह छूट क्यों दी गई?


हरदीप पुरी की पत्नी लखपति से करोड़पति बनीं:15 लाख से 10.66 करोड़ हुई संपत्ति

हरदीप पुरी की पत्नी की संपत्ति 15 लाख से बढ़कर 10.66 करोड़ हुई। पांच साल में उनकी सालाना आय भी 15.39 लाख से बढ़कर 1.69 करोड़ रुपए हो गई। हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 2.90 लाख अमेरिकी डॉलर की चल संपत्ति और 30 लाख स्विस फ्रैंक की अचल संपत्ति भी है।