अमित शाह सोमवार को हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में शामिल हुए। यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में नकली संसद लगाई।
वे उसके ही पीएम बन जाते तो सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाती। असली संसद में वे कभी पीएम नहीं बनेंगे।
विपक्ष के SIR विरोध के जवाब में भाजपा देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चला रही है। इसका पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा।
शाह की स्पीच, 6 बड़ी बातें; कहा- वोटर्स लिस्ट में घुसपैठिए नहीं रहेंगे
1. घुसपैठिए कांग्रेस के वोट बैंक, इन्हें निकालकर ही दम लेंगे
कांग्रेस पार्टी SIR को रोककर देश की मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। ये घुसपैठिए उनके वोट बैंक हैं। राहुल जी जितना जोर लगाना है लगा लो, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को देश और वोटर्स लिस्ट से बाहर निकालकर दम लेगी। 3 करोड़ वोट बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।
2. भाजपा 2014 में जीती, 2019 में जीती, तब क्या SIR हुआ था
राहुल जी कहते हैं कि हम (भाजपा) SIR से जीते। जरा बताओ क्या 2014 में SIR हुआ था। 2019 में जीते, तब भी SIR नहीं हुआ था। 2024 में भी जीते, उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, बंगाल, असम जीते। अब तेलंगाना भी जीतने वाले हैं।
3. नकली संसद में ही PM बन जाइए
राहुल जी, दो दिन पहले आपने मॉक पार्लियामेंट की थी, अगर मुझसे पूछा होता तो मैं कहता कि ये नकली संसद में आप एक बार पीएम बन जाओ, क्योंकि असली संसद में वे कभी बन नहीं पाएंगे, ताकि सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाए।
4. राहुल अराजकता से खुद को सुर्खियों में रखते हैं
राहुल जी चुनाव होते ही आप विदेश चले जाते हैं। देश में पसीना बहाना पड़ता है। हाथ में संविधान रखते हैं, लेकिन उसका सम्मान नहीं करते। EVM, SIR, घुसपैठिए के मुद्दे पर हम संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं, चर्चा के लिए आ जाइए, लेकिन वे नहीं आएंगे। वे अराजकता से खुद को सुर्खियों में रखते हैं।
5. 'जीतते हैं तो लोगों ने जिताया, हारते हैं तो EVM ने हराया'
जब भी चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं EVM के कारण जीते। राहुल जी, अगर EVM खराब है तो रेवंत रेड्डी कैसे सीएम बन गए, केरल में आपकी सरकार कैसे आई, हिमाचल में कैसे आई। जब जीतते हैं तो लोगों ने जिताया, हारते हैं तो EVM ने हराया। एक कहावत है कि नाच न जाने आंगन टेढ़ा। देश की जनता कांग्रेस को सिरे से नकार चुकी है।
6. मोदी जी पर चार आने के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं
मोदी जी के सामने आपका (राहुल गांधी) कोई मुकाबला नहीं। आपने 10 साल शासन किया, 12 लाख करोड़ के घोटाले किए। इनको फिर से देश कैसे सौंपा जाए, मोदी जी के 12 साल हो गए, उन पर चार आने का भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। झूठ फैलाकर आप चुनाव नहीं जीत सकते।
भाजपा की अभियान चलाने के पीछे 4 वजहें...
1. SIR का समर्थन: विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहा है। भाजपा का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है।
2. वोट चोरी के आरोपों का जवाब: राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों को भ्रामक बताकर जनता के बीच अपना पक्ष रखना चाहती है।
3. चुनाव आयोग का बचाव: भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बिना आधार आरोप लगाकर उसकी विश्वसनीयता कमजोर की जा रही है।
4. कांग्रेस और विपक्ष को घेरना: भाजपा विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।
दिल्ली में विपक्ष की रैली के खिलाफ भाजपा का मार्च
INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली के विरोध में भाजपा ने रविवार को भी दिल्ली समेत देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला था। दिल्ली में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किमी लंबा मार्च निकाला गया।
इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार और सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में SIR के खिलाफ रैली के लिए 1 नवंबर का दिन जानबूझकर चुना है। 1 नवंबर 1984 को सिख विरोधी हिंसा हुई थी।
SIR के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट में भी, 13 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता
12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, RJD, वाम दलों और अन्य विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसी दिन 12 पार्टियों के 13 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।