14 बग्गियों में सवार होकर पटवा भवन पहुंचे 45 तपस्वी
रत्नत्रयी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में सुबह करीब 7.30 बजे 21 दिवसीय दादागुरुदेव इकतीसे के निमित्त मूर्ति, कलश, दीपक और तोरण स्थापना की गई। इसके बाद सुबह 8.30 बजे संभवनाथ जिनालय, विवेकानंद नगर से पटवा भवन तक भव्य रथयात्रा निकाली गई। धर्मध्वजा और बैंड-बाजे के साथ निकली रथयात्रा में 14 बग्गियों में 45 तपस्वी सवार होकर पटवा भवन पहुंचे। पटवा भवन में लाभार्थी परिवार की ओर से सभी तपस्वियों का तिलक, माला, श्रीफल और पद प्रक्षालन कर अभिनंदन किया गया। शाम 7 बजे से यहां भक्तिमय गीत-संगीत का आयोजन हुआ।
2 अगस्त से चल रही थी 50 दिवसीय तपस्या पूर्ण
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि 2 अगस्त से शुरू हुई 50 दिवसीय पंच परमेष्ठी सिद्धि तप की साधना 19 सितंबर को पूर्ण हुई। 45 तपस्वियों ने कठिन तपस्या पूरी की। तप की संपूर्णता के अवसर पर 20 सितंबर को शाही पारणा कराया जाएगा। सर्वमंगलमय वर्षावास चातुर्मास समिति विवेकानंद नगर अंतर्गत ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट रायपुर ने समाजजनों से बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।