क्या करें निवेशक?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि चांदी में औद्योगिक और कीमती धातु, दोनों का दर्जा है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। मजबूत औद्योगिक और निवेश की मांग, साथ ही स्थिर सप्लाई के कारण चांदी का बाजार कई साल से घाटे में चल रहा है और यह ट्रेंड 2026 में भी जारी रहने की संभावना है। इन सबके बावजूद, सभी जानकारों की एक राय है कि 2025 में हुई बढ़त के बाद निवेशकों को तुरंत खरीदारी नहीं करनी चाहिए। उन्हें कीमतों में गिरावट आने पर ही खरीदना चाहिए।मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज और करेंसी के हेड ऑफ रिसर्च नवनीत दमानी ने कहा कि हालिया तेजी के बाद, निवेश में सावधानी बरतने का समय है। खरीदारी सोच-समझकर करनी चाहिए, क्योंकि कीमतों में 7-10% की गिरावट आ सकती है। वही समय फिर से खरीदारी करने का होगा।


