खरीदारों पर भी असर
अधिकारियों के अनुसार, एक्ट में प्रस्तावित बदलाव के बाद अब केवल स्टांप पेपर पर करार करना कानूनी रूप से पर्याप्त नहीं होगा। इस एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया तो बाद में फ्लैट की बिक्री के समय मुश्किलें आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में बकाया करारनामे का शुल्क वसूला जाएगा, जिसका अतिरिक्त 1% भार खरीदार की जेब पर पड़ सकता है।एक्ट में होगा बदलाव!
- कोलैबोरेशन एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी, बढ़ेगी रजिस्ट्री की लागत।
- रजिस्ट्रेशन एक्ट में संशोधन की तैयारी, 1 फीसदी शुल्क क्सूल सकती है सरकार।
- मालिकाना हक के विवादों का हो सकेगा समाधान।


