इतना पैसा क्यों दे रही हैं ये कंपनियां?
यह भर्ती अभियान ऐसे समय में चल रहा है जब भारत के डेरिवेटिव मार्केट में नियम कड़े हो गए हैं और कारोबार कम हुआ है। जुलाई में NSE पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) का कारोबार 17 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अगस्त की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में खत्म हुए साल में इन कंपनियों के मुनाफे में 3% की गिरावट देखी गई।इसके बावजूद, भारतीय ट्रेडिंग कंपनियां अब दूसरे देशों के बाजारों में भी हाथ आजमा रही हैं। इसके लिए उन्हें काबिल इंजीनियरों की जरूरत है। डैनियल वाज का कहना है कि कंपनियों को मिड-लेवल की पोजीशन के लिए बाहर से अच्छे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं, इसलिए वे शुरुआत से ही टैलेंट को मोटी सैलरी पर जोड़ रही हैं।


