- स्पीड और टेक्नोलॉजी- ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और पूरी उड़ान के दौरान इसकी स्पीड 2.8 से 3.0 मैक की स्पीड बनाए रखती है। जबकि पाकिस्तानी फतह-3 एक हल्की मिसाइल है और ये चीन की HD-1 तकनीक पर आधारित है जिसके ऑपरेशन आंकड़े ब्रह्मोस के बराबर नहीं है।
- मारक क्षमता- ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज 300 किमी से 500 किमी तक है और इसे 800 किमी तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। यह अपनी 'फायर एंड फॉरगेट' तकनीक और मात्र 1 मीटर के सटीक घेरे (CEP) के लिए प्रसिद्ध है। फतह का वजन 1.2-1.5 टन है और 250 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जा सकती है। इसकी रेंज 290 किलोमीटर ही है।
- ब्रह्मोस दुनिया की एकमात्र ऐसी मिसाइल है जिसे जमीन, समुद्र (युद्धपोत और पनडुब्बी) और हवा (सुखोई-30MKI) तीनों जगहों से सफलतापूर्वक दागा जा सकता है। फतह को पाकिस्तान अपनी सेना के रॉकेट फोर्स कमांड के तहत तैनात कर रहा है। हालांकि भविष्य में इसके अन्य वेरिएंट्स की योजना भी हो सकती है।
- ब्रह्मोस एक युद्ध में परखी मिसाइल है जबकि फतह-3 का अभी अलग अलग वातावरण में टेस्ट होना है।
चीनी HD-1 एक कम तकनीक वाली मिसाइल है और ये काफी सस्ती भी है। ब्रह्मोस एक महंगी मिसाइल है। इसीलिए ये पाकिस्तान की हताशा को दिखाता है कि जल्दबाजी में हथियार जुटाने के लिए पाकिस्तान कितना हाथ पैर मार रहा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों (MTCR) के कारण चीन 300 किमी से अधिक रेंज वाली मिसाइल तकनीक नहीं बेच सकता। 290 किमी की रेंज का मतलब है कि यदि पाकिस्तान इसे अपनी सीमा के पास से भी दागता है तो यह भारत के गहरे अंदरूनी शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई या मध्य भारत) तक नहीं पहुंच पाएगी। यह मिसाइल सिर्फ सीमा के पास स्थित सैन्य ठिकानों या अग्रिम चौकियों के लिए ही खतरा बन सकती है।


