गर्मी बढ़ने से ऑल-टाइम हाई पर पहुंची इन वर्कर्स की डिमांड, काम करने के लिए नहीं मिल रहे लोग
Updated on
30-05-2024 01:43 PM
नई दिल्ली: देश के कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। राजधानी दिल्ली में तो कई स्थानों पर तापमान 52 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। स्टाफिंग फर्मों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक भीषण गर्मी, कर्मचारियों की बढ़ती अनुपस्थिति और उत्पादकता में कमी के कारण लास्ट-माइल डिलीवरी और वेयरहाउस में काम करने वाले लोगों की डिमांड ऑल-टाइम हाई पर पहुंच चुकी है। टीमलीज सर्विसेज के एक अनुमान के मुताबिक क्विक कॉमर्स में रोजाना लगभग 2,000 और फूड डिलीवरी में 5,000 लोग नौकरी छोड़ रहे हैं। इस तरह रोजाना 7,000 हायरिंग की जरूरत पड़ रही है।
टीमलीज के वीपी बालासुब्रमण्यम ए ने कहा, ‘क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी में रिप्लेसमेंट के लिए रोजाना लगभग 7,000 लोगों की जरूरत पड़ रही है।’ यह पिछले साल की तुलना में बहुत अधिक है। तब गर्मियों में रिप्लेसमेंट के लिए रोजाना लगभग 5,000 लोगों की जरूरत पड़ रही थी। गर्मियों में कई प्रवासी वर्कर्स अपने शहरों से अपने होम टाउन के लिए निकल जाते हैं। बालासुब्रमण्यम ने कहा कि केवल जून के महीने में ही डिलीवरी सेगमेंट में रिप्लेसमेंट हायरिंग के लिए 2.1-2.2 लाख लोगों की आवश्यकता होगी। इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि हर महीने 30 से 40 फीसदी राइडर्स, वेयरहाउस स्टाफ, पिकर्स, पैकर्स और लोडर्स नौकरी छोड़ रहे हैं।
बीमार हो रहे कर्मचारी
साथ ही, गर्मियों में रेकॉर्ड तापमान के कारण प्रॉडक्टिविटी में रोजाना दो घंटे तक की कमी आ रही है। इसकी वजह यह है कि गर्मी के कारण कई फ्रंटलाइन कर्मचारी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। रैंडस्टैड इंडिया के ऑपरेशनल टैलेंट सॉल्यूशंस के चीफ कमर्शल ऑफिसर यशब गिरि ने कहा कि गर्मी के प्रकोप के कारण, लास्ट माइल स्टाफ, विशेष रूप से डिलीवरी वर्कर्स की मांग में कम से कम 20-25% की बढ़ोतरी हुई है। गिरि ने कहा कि गर्मी के कारण लोग इन दिनों में बाहर निकलने से बचना चाहते हैं। इसलिए वे किराने का सामान और स्नैक्स से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान तक सब कुछ तुरंत अपने दरवाजे तक पहुंचाने के लिए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का रुख कर रहे हैं। कुछ ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों ने गर्मी की छुट्टियों और आईपीएल के कारण बढ़े ऑर्डर वॉल्यूम को संभालने के लिए हब मैनेजर, लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर और कस्टमर सपोर्ट स्टाफ जैसे पदों पर नियुक्तियां की हैं। लास्ट माइल वर्कर्स का काम करने वाले श्रमिकों की सप्लाई में कमी इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि कई प्रवासी मजदूर इस दौरान अपने घरों गए हैं। वे अप्रैल में अपने घरों के लिए निकल गए थे और जून के अंत में या जुलाई की शुरुआत में ही लौटेंगे। इसकी एक वजह यह भी है कि चुनावों में उनकी अच्छी कमाई हो रही है। गिरि ने कहा कि दो जून से शुरू हो रहे टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप के कारण कंज्यूमर डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुएकुछ बड़ी कंपनियां बढ़ती 25,000-30,000 अतिरिक्त डिलीवरी वर्कर्स की भर्ती की योजना बना रही हैं।
क्यों बढ़ रही है ऑनलाइन खरीद
उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को कई शिफ्टों में काम करने का अनुरोध कर रही हैं। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन और रिवॉर्ड भी दिए जा रहे हैं। अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी ईकॉम एक्सप्रेस के पास वर्तमान में 80,000-90,000 डिलीवरी कर्मियों का एक्टिव राइडर बेस है और ऑनलाइन खरीद की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लगभग 40,000 कर्मचारी रोजाना डिलीवरी करते हैं। एक साल पहले यह संख्या लगभग 30,000 थी। कंपनी के सीओओ विश्वचेतन नादमणि ने कहा, 'मई में हमने 3000 राइडर्स का नया बैच शामिल किया था। जून में हमें फिर से 4,000-5,000 लास्ट माइल लोगों को नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।'
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