राफेल F-5 कैसे चीनी स्टील्थ पर पड़ सकता है भारी?
Rafale F5 को सिर्फ एक और फाइटर के तौर पर नहीं बल्कि एक फ्लाइंग कमांड सेंटर के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है छोटे बिना पायलट वाले स्टील्थ एयरक्राफ्ट की टीम को लीड करना जिन्हें 'लॉयल ड्रोन विंगमैन' कहा जाता है। ये ड्रोन 'न्यूरॉन' नाम के पुराने फ्रांसीसी प्रोजेक्ट से बने हैं और 'हरमट्टन AI' नाम के सॉफ्टवेयर पर चलते हैं।फ्रांस ने अकेले इस सॉफ्टवेयर पर 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा खर्च किए हैं जो ड्रोन को हालात समझने और खुद से कार्रवाई करने की क्षमता देता है। लिहाजा राफेल F5 भारतीय वायुसेना के लिए एक बेहतरीन फाइटर जेट बन सकता है जो चीनी स्टील्थ विमानों के खतरों को करीब करीब खत्म कर देगा।


