मिसाइलों और एयर डिफेंस पर खर्च
फ्रांस अपने 290 पनडुब्बी और हवा से छोड़े जाने वाले हथियारों के जखीरे को बनाए रखने के लिए हर साल 5.6 अरब यूरो खर्च करता है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हथियारों का जखीरा है। यूक्रेन में रूस के चार साल से चल रहे युद्ध ने नाटो सहयोगी देशों के हथियारों के जखीरे में कमियों को उजागर किया है। इसके बाद पश्चिम एशिया ने इन कमियों को दिखाया है।फ्रांस ने तोपखाने के गोले, हवाई रक्षा इंटरसेप्टर और लंबी दूरी की मिसाइलों के जखीरे को फिर से तैयार करने के लिए अतिरिक्त 8.5 अरब यूरो का प्रावधान किया है। मसौदे में 'डीप-स्ट्राइक' (गहरी मार करने वाली) क्षमताओं के तहत 2,500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली एक नई पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों पर काम किया जाएगा।


