अमेरिका से भारत और रूस दोनों ही निराश
अभी पिछले महीने ही रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' की तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि यह दोस्ती 'समय की परीक्षा में खरी उतरी है।' अमेरिकी एक्सपर्ट माइकल रुबिन का कहना है कि रूस ईरान युद्ध का फायदा उठाकर दिल्ली के साथ अपने रिश्ते को मजबूत कर रहा है। इससे पहले रूस भारत को सौदा करने के बाद भी एस-400 की समय पर आपूर्ति नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस दोनों की अमेरिका को लेकर भी साझा निराशा है। इसके बाद भी भारत का भविष्य शायद उथल-पुथल वाला ही रहेगा। इसके पीछे वजह यह है कि पुतिन और ट्रंप दोनों ही लगातार भड़काऊ और एकतरफा कदम उठा रहे हैं।


