क्या नेपाल को मिल गया है कूटनीतिक मौका?
- भारत के इस नए रुख के बाद नेपाल को यह कूटनीतिक मौका मिला है कि वह भारतीय अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखे।
- चीनी भागीदारी वाली उसकी पनबिजली परियोजनाओं और ऊर्जा व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए।
- भारत नेपाल के बिजली ग्रिड के साथ इन प्रोजेक्ट्स को भी अपनी सीमा पार ऊर्जा व्यापार नीति में मंजूरी दे।
रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को लेकर भारत और नेपाल के ऊर्जा सचिवों के बीच हाल ही में पोखरा में 'संयुक्त संचालन समिति' की बैठकें भी हुई हैं जहां ऊर्जा सहयोग, ट्रांसमिशन लाइनों जैसे 400 kV गोरखपुर-न्यू बुटवल लाइन और बिजली ग्रिड के कॉर्डिनेशन पर विस्तृत चर्चा हुई। नेपाल इसी मंच का इस्तेमाल कर चीनी-लिंक्ड प्रोजेक्ट्स के लिए भारत की हरी झंडी पाने की कोशिश कर रहा है।


