सिब्बल ने क्या कहा था?
कपिल सिब्बल ने केरल के कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेड एंड डेमोक्रेसी' (खरीद-फरोख्त और लोकतंत्र) विषय पर व्याख्यान देते हुए संविधान की 10वीं अनुसूची में बदलाव की वकालत की थी, ताकि पार्टी विलय को 'सामूहिक पलायन के लिए रास्ता' बनाने वाली खामी के रूप में इस्तेमाल न किया जा सके।उन्होंने कहा था कि मौजूदा कानून के तहत किसी विधायक दल के दो-तिहाई सदस्य यदि दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, तो उन्हें दलबदल के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जाता, क्योंकि इसे विलय माना जाता है।


