भारतीयों ने विदेशों में खर्च किए 31.7 अरब डॉलर, जानिए किस चीज पर किया सबसे ज्यादा खर्चा
Updated on
22-05-2024 02:04 PM
नई दिल्ली: भारतीयों ने फाइनेंशियल ईयर 2024 में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेशों में रेकॉर्ड 31.7 अरब डॉलर खर्च किए जो पिछले साल की तुलना में 17 फीसदी अधिक है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह रकम 27.1 बिलियन डॉलर थी। टैक्स कलेक्शन ऑन सोर्स (TCS) लागू होने के बावजूद विदेशों में खर्च में यह बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि अक्टूबर 2023 में TCS लागू होने के बाद मासिक औसत खर्च में गिरावट आई है। रेमिटेंस के सालाना डेटा से पता चलता है कि भारतीयों ने वित्त वर्ष 24 में विदेश घूमने पर 17 अरब डॉलर खर्च किए। यह पिछले वर्ष के 13.6 अरब डॉलर से 24.5% अधिक है। महामारी की शुरुआत से पहले वित्त वर्ष 2020 में LRS के तहत खर्च में अंतरराष्ट्रीय यात्रा का हिस्सा 37% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 53.6% हो गया है। कोरोना काल में पाबंदियों के कारण वित्त वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर खर्च घटकर 3.2 अरब डॉलर रह गया था।
दूसरी ओर, विदेश में शिक्षा के लिए जाने वाले रेमिटेंस का हिस्सा लगातार कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2021 में, शिक्षा के लिए रेमिटेंस 30% था। वित्त वर्ष 2022 में यात्रा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद यह हिस्सा गिरकर 26% रह गया। वित्त वर्ष 2023 में शिक्षा पर खर्च पिछले वर्ष के 5.2 अरब डॉलर से घटकर 3.4 अरब डॉलर रह गया। इस कारण कुल खर्च का हिस्सा गिरकर 12% रह गया। वित्त वर्ष 2024 में, विदेश में पढ़ाई पर खर्च लगभग 3.5 अरब डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि यात्रा पर खर्च बढ़ गया। फीस पर कम खर्च के कारण विदेश में पढ़ाई अब विदेशी मुद्रा खर्च में दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी नहीं रह गई है। भारतीयों ने फीस की तुलना में विदेश में रिश्तेदारों के रख-रखाव पर ज्यादा खर्च किया। इस मद में 4.6 अरब डॉलर खर्च हुए।
रेमिटेंस में भारत नंबर वन
हालांकि विदेश से पैसा भेजने के मामले में भारतीयों ने नया रेकॉर्ड बनाया है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी International Organisation for Migration के मुताबिक भारत को साल 2022 में रेमिटेंस के रूप में 111 अरब डॉलर मिले। यह दुनिया में सबसे अधिक है। इसी के साथ भारत 100 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने वाला दुनिया का पहले देश बन गया है। भारत के 1.8 करोड़ लोग विदेशों में काम करते हैं। इनमें से यूएई, अमेरिका और सऊदी अरब में भारतीय प्रवासियों की बड़ी संख्या है। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने मंगलवार को जारी अपनी वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट, 2024 में कहा कि 2022 में रेमिटेंस प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच देशों में भारत, मेक्सिको, चीन, फिलीपीन और फ्रांस शामिल हैं।
नई दिल्ली: भारत में ग्लोबल कंपनियों के ऑफिसों (GCC-ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। TOI के मुताबिक, एक तरफ जहां नई भर्तियों में तेजी आई…
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का…
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में गिरावट का दौर थमता दिखाई दे रहा है। पिछले एक महीने में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के रूप में उभरे हैं।…
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद में आज शेयर बाजार में तेजी दिख रही है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 700 अंक से ज्यादा तेजी आई है जबकि…
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स बड़ा धमाका करने जा रही है। कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में है जिसके लिए…
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( EPFO ) ने सहारा इंडिया की विभिन्न इकाइयों के खिलाफ भविष्य निधि (PF) के बकाया भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईपीएफओ ने…