Select Date:

आईआईएफएम में इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस समिट

Updated on 22-05-2026 05:50 PM
भोपाल, प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के आसपास वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि घायल वन्य जीवों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही हो सके। अब तक जंगल में घायल होने वाले जानवरों को इलाज के लिए भोपाल लाना पड़ता था, जिससे उन्हें अनावश्यक तकलीफ होती थी। स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू सेंटर बनने से वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से दूर नहीं ले जाना पड़ेगा और उनका उपचार भी तेजी से हो सकेगा।

यह बात शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे भोपाल स्थित आईआईएफएम में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) प्री-समिट को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने वन विभाग की 20 बाइक और एक रेस्क्यू ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

चीता प्रोजेक्ट ने मप्र को नई पहचान दिलाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, तब कई लोगों ने इसे लेकर आशंकाएं जताई थीं और डर का माहौल बनाया था, लेकिन अब इस परियोजना की सफलता ने मध्यप्रदेश को वन्य जीव विविधता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी में मगरमच्छ नहीं होने की बात सामने आने पर यह चर्चा होती थी कि यदि वाहन मगरमच्छ नहीं है तो मां नर्मदा की सवारी कैसे होगी। शुरुआत में कोई भी मगरमच्छ छोड़ने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन सरकार ने इस दिशा में भी कार्य पूरा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण को लेकर लगातार काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान लगातार तीसरे वर्ष चलाया गया है। इस अभियान के तहत करीब तीन हजार करोड़ रुपए की लागत से 56 हजार से अधिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और निर्माण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में एक हजार से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं और दो लाख से ज्यादा जलदूत तैयार किए गए हैं।

देश में जल्दी ही 100 रामसर साइट घोषित होंगी

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इंदौर वेटलैंड सिटी घोषित हुआ है। देश में जल्दी ही 100 रामसर साइट घोषित होंगी, अब तक 94 साइट्स घोषित की जा चुकी हैं। विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकता है, लेकिन इसमें सोसायटी, पॉलिसीमेकर, साइंटिस्ट, सिविल सोसायटी समेत हर व्यक्ति को मिलकर इसके लिए काम करना होगा। एक्ट लोकली, थिंक ग्लोबली के लिए काम करना होगा। जब जैव विविधता समृद्ध होगी तो मानवता समृद्ध होगी।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि जैव विविधता मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की थाली में केवल गेहूं और चावल ही हों, तो कुछ समय बाद भोजन नीरस लगने लगता है। इसी तरह प्रकृति में विविधता ही जीवन को समृद्ध और मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि हर वनस्पति और जीव के अस्तित्व की एक सीमा और भूमिका होती है तथा प्रकृति का पूरा एक संतुलित तंत्र है।

टाइगर नदियों और प्राकृतिक संसाधनों की भी रक्षा करते

भूपेन्द्र यादव ने कहा कि हाल ही में प्रोजेक्ट चीता की समीक्षा की गई है और इस परियोजना ने जैव विविधता को बढ़ावा देने के सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि चीता मुख्य रूप से ग्रासलैंड क्षेत्र में पनपता है और घास के मैदान जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि टाइगर केवल अपनी टेरिटरी ही नहीं बल्कि नदियों और प्राकृतिक संसाधनों की भी रक्षा करते हैं। धरती का पारिस्थितिक संतुलन जैव विविधता के माध्यम से ही कायम रहता है।

30 प्रतिशत हिस्सा स्थायी रिजर्व क्षेत्र के रूप में सुरक्षित होना चाहिए

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि धरती का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा स्थायी रिजर्व क्षेत्र के रूप में सुरक्षित होना चाहिए। जैव विविधता संरक्षण केवल किसी एक प्रजाति तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी का आधे से अधिक हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बायो डायवर्सिटी से जुड़ा है। भारत दवाइयों, फलों, औषधीय वनस्पतियों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यात करता है, जो जैव विविधता की देन हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की जैव विविधता कमजोर होगी तो खाद्य सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ेगा। इसलिए केवल विकास नहीं बल्कि सतत विकास की आवश्यकता है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के कचरे के निस्तारण को बड़ा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि गांव-गांव में समितियां बनाकर स्थानीय लोगों को जैव विविधता संरक्षण से जोड़ा जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को आर्थिक और सामाजिक लाभ भी मिल सके।

चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रेजेंटेशन

इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के महानिदेशक डॉ. एसपी यादव द्वारा संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं मध्यप्रदेश वन विभाग की ओर से भारत में चल रहे चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम में जैव विविधता और संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का विमोचन एवं लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें डाक टिकट, ‘इंडियाज बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’, नागोया प्रोटोकॉल पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट और एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके अलावा अमरकंटक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट, एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग तथा मध्यप्रदेश के पवित्र वनों के संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयास

आयोजन के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.