'ईरान का तेल मेरी सबसे पसंदीदा चीज, खर्ग पर कर सकते हैं कंट्रोल', ट्रंप का बड़ा बयान, भीषण होगी लड़ाई?
Updated on
30-03-2026 11:23 AM
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर कब्जे करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। खर्ग द्वीप को ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यहीं से देश का करीब 90 फीसदी तेल निर्यात किया जाता है। अमेरिका ने हालिया दिनों में हजारों सैनिकों को पश्चिम एशिया में भेजा है। इससे खर्ग द्वीप पर अमेरिका के हमले का अंदेशा बढ़ रहा है। अमेरिका की खर्ग पर कब्जे की कोशिश क्षेत्र में लड़ाई को और तेज कर सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में ईरान युद्ध पर कई कमेंट किए हैं। खर्ग पर कब्जे के सवाल पर उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना होगी। हालांकि अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग मुझे कहते हैं कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। उनको चीजों की समझ नहीं है।'
आसानी से कर लेंगे खर्ग पर कब्जा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अपने सैन्य अभियान पर कहा, 'यह हो सकता है हम खार्ग द्वीप को ईरान से अपने नियंत्रण में ले लें। हालांकि ये भी मुमकिन है कि हम ऐसा नहीं करें। दरअसल हमारे पास कई विकल्प हैं और हम कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि खर्ग पर कंट्रोल के लिए हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।'डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि खर्ग पर कब्जा करने में अमेरिका को कोई खास मुश्किल नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई खास सुरक्षा व्यवस्था है। हमने ईरान की सेना और रक्षा ढांचे को लगभग खत्म कर दिया है। वो हमारा मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हम चाहेंगे तो खर्ग द्वीप को बहुत आसानी से ले सकते हैं।
ईरान-अमेरिका में तेज होगी लड़ाई?
डोनाल्ड ट्रंप की खर्ग और ईरानी तेल पर कब्जे से जुड़ी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अतिरिक्त 3500 अमेरिकी सैनिक पश्चिम एशिया भेजे गए हैं। माना जा रहा है कि इन बलों को जमीन पर उतारा जाएगा। इनके जरिए खर्ग और दूसरी रणनीतिक जगहों को नियंत्रण में लिया जाएगा। वहीं ईरान ने भी जवाबी हमलों का ऐलान कर दिया है।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी सैनिक अगर ईरान की जमीन पर उतरे तो उनको नरक के दर्शन कराए जाएंगे। बागर का कहना है कि ईरान की सेना इस इंतजार में है कि कब अमेरिकी फौज यहां उतरे। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में लड़ाई भीषण हो सकती है।
एक महीने से चल रही लड़ाई
अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा समय से लड़ाई चल रही है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं। इस लड़ाई से दुनिया का बड़ा हिस्सा प्रभावित है। खासतौर से पश्चिम एशिया के देश सीधेतौर पर इस लड़ाई के चलते मुश्किल में हैं।
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए सिरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्ते हैं और इसी वजह से…
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…