केन्द्र सरकार ने पशु कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है, जिनका मध्यप्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत प्रदेश में देशी नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और नस्ल सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले दुधारू पशुओं का तेजी से विकास हो रहा है। इसी तरह से राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमा के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण के अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से टीकाकरण, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों और महामारी नियंत्रण पर फोकस किया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम और पशुधन सांख्यिकी सर्वेक्षण से पशुपालकों को सब्सिडी, ऋण और तकनीकी सहायता मिल रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है। सहकारी क्षेत्र की अत्याधुनिक केंद्रीय राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थापित की जा रही है जिसके निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को 12 करोड़ 40 लाख रु का अनुदान दिया गया है। इस प्रयोगशाला के स्थापित होने से दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा।