क्यों बदलने पड़े नियम?
यह कदम इस चिंता के बीच आया है कि विमान कंपनियां सीट चयन समेत अलग-अलग सेवाओं के लिए अधिक शुल्क ले रही हैं।पिछले सप्ताह, इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया। कहा कि कम से कम 60 फीसदी सीट के चयन पर शुल्क न लिया जाए, क्योंकि इससे उन्हें अपने नुकसान हुए रेवेन्यू की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाना पड़ेगा।


