बांग्लादेश में एक्टिव हुए तुर्की और पाकिस्तान
इससे पहले मोहम्मद यूनुस ने डी-8 सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन से मिस्र में मुलाकात की थी। इसके बाद बांग्लादेश के तत्कालीन विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन ने अप्रैल 2025 में तुर्की की यात्रा की थी। तुर्की पाकिस्तान और बांग्लादेश को और करीब लाने की कोशिश कर रहा है। तारिक रहमान सरकार ने पाकिस्तान से उतनी गर्मजोशी नहीं दिखाई है जितनी की यूनुस ने दिखाई थी। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश में रोहिंग्या विद्रोहियों की सेना तैयार करने में मदद कर रही है ताकि म्यांमार में कार्रवाई की जा सके। हाल ही में बांग्लादेश ने तुर्की के हथियारों का खुलकर प्रदर्शन भी किया है। तुर्की की कंपनियां अब बांग्लादेश में हथियार बनाने के लिए तैयार हैं। अभी हाल ही में चीन के दूत ने भी खलीलुर रहमान से मुलाकात की है।


