अब हेल्थ क्लेम के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार, सरकार ने कर दी व्यवस्था
Updated on
12-07-2024 02:44 PM
नई दिल्लीः देश में हेल्थ इंश्योरेंस इकोसिस्टम में सकारात्मक बदलाव को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक नया प्लैटफॉर्म तैयार किया है। नैशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मंत्रालय ने एक नया हेल्थ डिजिटल प्लैटफॉर्म तैयार किया है, जिस पर देश के बड़े-छोटे अस्पताल, इंश्योरेंस कंपनियां जुड़ी होंगी और अस्पताल में भर्ती मरीजों के हेल्थ क्लेम का निपटारा जल्द हो सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा का कहना है कि अभी तक 52 से ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के साथ बातचीत हो चुकी है। लगभग सभी अहम हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां इस प्लैटफॉर्म से जुड़ने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि जिन इंश्योरेंस कंपनियों ने सरकार के इस नए प्रयोग के साथ जुड़ने का फैसला किया है, उन कंपनियों को सारी प्रक्रिया के बारे में बताया गया है और जल्द ही नैशनल क्लेम हेल्थ पोर्टल को लॉन्च कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की कोशिश है कि देश के हेल्थ इंश्योरेंस इकोसिस्टम को आम लोगों के लिए आसान बनाया जाए और साथ ही सिस्टम में पारदर्शिता हो। एक सिंगल पोर्टल हो, जहां पर अस्पताल मरीजों के क्लेम को फॉरवर्ड करेंगे और उसी पोर्टल से इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम की डिटेल लेकर अप्रूवल देंगी। इससे अस्पताल को हर मरीज के लिए हर इंश्योरेंस कंपनी के पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी और कंपनियां भी एक ही पोर्टल पर सारी डिटेल हासिल कर सकेंगी। माना जा रहा है कि 250 से लेकर 300 तक बड़े अस्पताल इस प्रोजेक्ट से जुड़ जाएंगे।
क्या होगा बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की अस्पताल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी हुई थी। अभी एक अस्पताल को अपनी वेबसाइटों पर 50 से अधिक बीमा कंपनियों के क्लेम तैयार करने और प्रोसेस करने होते हैं। दरअसल मरीज के अलग-अलग कंपनियों के साथ क्लेम होते हैं और हर कंपनी के पास डिटेल भेजनी पड़ती है। अस्पताल में इंश्योरेंस काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिलती है और कई-कई घंटे तक का इंतजार मरीज के तीमारदारों को करना पड़ता है। इस पोर्टल के लॉन्च होने के बाद एक सिंगल प्लैटफॉर्म के जरिए क्लेम प्रोसेस होंगे। अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियां एक ही प्लैटफॉर्म पर चेक करेंगी और इससे प्रोसेस में तेजी होगी।श्योरेंस रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने भी इस पहल का स्वागत किया है। वहीं आयुष मंत्रालय भी कुछ इसी तरह की पहल करने की तैयारी कर रहा है। जनरल इंश्योरेंस कंपनियों और आयुष अस्पतालों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है। देश के कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी आयुष इलाज की सुविधा लोगों के लिए शुरू की गई है लेकिन अभी हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम का फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। अगर इंश्योरेंस कंपनियां भी आयुष इलाज से जुड़ेंगी तो मरीजों को भी फायदा होगा।
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