यूएई के कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब ने खोला खजाना, 3 अरब डॉलर मंजूर, शहबाज ने ली राहत की सांस
Updated on
15-04-2026 01:00 PM
इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के कर्ज वापस मांगने से मुश्किल में घिरे पाकिस्तान को बचाने सऊदी अरब सामने आया है। सऊदी अरब की ओर से पाकिस्तान को उसकी अर्थव्यवस्था के अरबों डॉलर के अंतर को पाटने में मदद की जाएगी। यह अंतर खासतौर से यूएई को किए जाने वाले कर्ज के पुनर्भुगतान (रीपेमेंट) से जुड़ा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने बताया कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की घोषणा की है। सऊदी ने पाकिस्तान में जमा 5 अरब डॉलर की रकम के लिए रोलओवर व्यवस्था को भी लंबी अवधि के लिए बढ़ा दिया है।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, शहबाज शरीफ की सरकार में वित्त मंत्री औरंगजेब ने बुधवार को बताया कि सऊदी अरब के पाकिस्तान को मिलने वाली 3 अरब डॉलर की राशि का भुगतान अगले हफ्ते हो जाएगा। औरंगजेब ने कहा कि सऊदी अरब से मिली यह नई मदद पाकिस्तान की बाहरी वित्तपोषण जरूरतों को पूरा करेगी।
पाकिस्तान को लौटाना है UAE का कर्ज
पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब से यह माली मदद ऐसे वक्त आ रही है, जब उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) काके 3 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है। यूएई ने पाकिस्तान की अपील पर उसे कर्ज पर छूट देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब और चीन जैसे अपने परंपरागत सहयोगियों से मदद के लिए संपर्क किया।पाकिस्तान सात साल में पहली बार UAE के साथ कर्ज को आगे बढ़ाने (रोलओवर करने) का समझौता करने में नाकाम रहा। इसके बाद इस्लामाबाद को इस महीने के आखिर तक यह राशि चुकाएगा। इससे उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ेगा। पाकिस्तान मौजूदा भंडार सिर्फ 16 अरब डॉलर का है। ऐसे में सऊदी की मदद पाकिस्तानी इकॉनमी को बचाने वाली होगी।
सऊदी के लोन का सालाना रोलओवर नहीं
पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने बताया है कि सऊदी अरब की मौजूदा 5 अरब डॉलर की जमा राशि सालाना रोलओवर व्यवस्था के अधीन नहीं होगी। इसे ज्यादा समय के लिए बढ़ा दिया जाएगा, जिससे देश को ज्यादा वित्तीय स्थिरता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने बीते हफ्ते ही 1.4 अरब डॉलर का यूरोबॉन्ड कामयाबी से चुकाया है।
मोहम्मद औरंगजेब ने दावा किया कि पाकिस्तान की इकॉनमी तेजी से सुधर रही है और स्थिरता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को IMF और विश्व बैंक जैसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों से भरोसा मिल रहा है। ऐसे में आने वाले समय में देश में आर्थिक स्थिति और बेहतर होंगे।पाकिस्तानी वित्त मंत्रीने आगे कहा कि पाकिस्तान अपनी व्यापक बाहरी वित्तपोषण रणनीति को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें ग्लोबल मीडियम-टर्म नोट (GMTN) कार्यक्रम और अपने पहले पांडा बॉन्ड जारी करने की योजना शामिल है। इनका उद्देश्य वित्तपोषण के स्रोतों में विविधता लाना और बाजार तक पहुंच बढ़ाना है।
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