क्या है कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII)?
इसका इस्तेमाल लंबी अवधि की संपत्ति (घर या जमीन) की महंगाई-पर आधारित लागत निकालने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपने 20 साल पहले कोई प्रॉपर्टी 20 लाख रुपये में खरीदी थी और उसे इस साल बेचा है, तो उसकी इंडेक्स्ड कॉस्ट (महंगाई जोड़कर निकाली गई कीमत) ज्यादा होगी।चूंकि टैक्स साल 2026-27 के लिए CII 384 है, जो कि 2025-26 के 376 से ज्यादा है। इससे इस साल बेची गई संपत्तियों की खरीद लागत ज्यादा मानी जाएगी, जिससे टैक्स वाला मुनाफा कम हो जाएगा। यह तरीका सिर्फ उन्हीं संपत्तियों पर काम करता है जहां इंडेक्सेशन की सुविधा मिल रही है। इंडेक्सेशन का फायदा कुछ खास संपत्तियों पर ही है।


