Select Date:

दुनिया की 'तेल नली' पर कब्जा! होर्मुज में अमेरिका की भारी नाकेबंदी, भारत पर क्या पड़ेगा असर?

Updated on 14-04-2026 01:55 PM
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। अमेरिका ने ईरान बंदरगाह पर नाकेबंदी की बात कही है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की चेतावनियों ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है।

कल सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया था। हालांकि आज मंगलवार को कीमतों में कुछ गिरावट आई। भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8:30 बजे ब्रेंट क्रूड 1.24% की गिरावट के साथ 98.13 डॉलर पर था। इस मार्ग की पूरी तरह से नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल ला सकती है, जिसका सीधा असर भारत समेत एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा

अभी क्या है ताजा स्थिति?

अमेरिकी सेना की क्षेत्रीय सेंट्रल कमांड ने सोमवार को स्पष्ट किया कि होर्मुज शिपिंग नाकेबंदी को सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू किया जाएगा जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा कि यह नाकेबंदी तटस्थ पारगमन (neutral transit) को नहीं रोकेगी।

ईरान की जवाबी चेतावनी

  • ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पलटवार करते हुए चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य के पास आने वाले किसी भी विदेशी सैन्य जहाज को युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा।
  • ईरान ने कहा है कि ऐसी स्थिति में वह निर्णायक सैन्य बल का उपयोग करेगा।

ट्रैफिक में भारी गिरावट

  • अस्थायी युद्धविराम के बावजूद, इस मार्ग पर जहाजों का आना-जाना काफी कम हो गया है। टैंकर इस रास्ते से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
  • केप्लर (Kpler) के डेटा के मुताबिक पिछले मंगलवार तक खाड़ी के अंदर 187 भरे हुए टैंकर मौजूद थे, जिनमें 17.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट शामिल हैं।
  • अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद से केवल 58 कमोडिटी जहाजों ने इस मार्ग को पार किया है।
  • जहाजों की आवाजाही सामान्य समय की तुलना में 90% तक गिर गई है।

तेल आपूर्ति पर संकट

  • ईरानी निर्यात पर प्रतिबंध लगने से वैश्विक तेल सप्लाई को बड़ा खतरा है।
  • केप्लर के मुताबिक ईरान ने मार्च में 18.4 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) और अप्रैल में अब तक 17.1 लाख bpd तेल का निर्यात किया है।
  • युद्ध से पहले बड़े प्रोडक्शन के कारण इस महीने की शुरुआत तक 18 करोड़ बैरल से अधिक ईरानी तेल जहाजों पर लोड होकर समुद्र में तैर रहा है, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है।

सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?

  • होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है, जिसका अधिकांश हिस्सा एशिया जाता है।
  • युद्ध से पहले ईरान के अधिकांश तेल का खरीदार चीन था। ऐसे में इस नाकेबंदी से चीन पर बड़ा असर पड़ेगा।
  • पिछले महीने अमेरिका की ओर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद अब भारत सहित अन्य देश भी ईरानी तेल आयात करने में सक्षम हुए हैं। ऐसे में भारत भी इस संकट से अछूता नहीं रहेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 July 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में करीब 2% गिरावट आई। बीएसई पर यह…
 22 July 2026
नई दिल्ली: पूंजी बाजार में एथिकल इन्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए NSE ने निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स की शुरुआत की है। इसमें निफ्टी 500 की उन कंपनियों को शामिल…
 22 July 2026
नई दिल्ली: निवेशक अक्सर इस ताक में रहते हैं कि कब भाव गिरे तो वे शेयर खरीदें और कब बढ़े तो बेचें। लेकिन आंकड़ों की मानें तो बाजार की इस…
 22 July 2026
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंपोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके…
 22 July 2026
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई है…
 22 July 2026
नई दिल्ली: सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को एयरलाइन शुरू करने की अनुमति दे सकती है। इससे अडानी ग्रुप और जीएमआर एयरपोर्ट्स के एयरलाइन सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो सकता…
 21 July 2026
नई दिल्ली: इस साल देश के सबसे बड़े आईपीओ एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की आज शेयर मार्केट में लिस्टिंग हो गई। हालांकि यह निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। बाजार…
 21 July 2026
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने जून तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट में…
 21 July 2026
नई दिल्ली: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते (CETA) से भारतीय बाजारों की रौनक बढ़ने वाली है। अब आम ग्राहकों के पास बाजारों में सामान चुनने के लिए और भी ज्यादा विकल्प होंगे।…
Advt.