अमेरिकी सेना कैसे नाकाबंदी को कैसे लागू करेगी?
- अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों को रोकने के लिए सेना लानी होगी।
- इसके साथ ही उसे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से बारूदी सुरंगों को नष्ट करना होगा।
- 12 अप्रैल को सेंट्रल कमांड ने बताया कि बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए उसके दो युद्धपोत जलडमरूमध्य से गुजरे। इसने कहा कि वह और भी यूनिट्स भेजेगा।
- अरब सागर में अमेरिकी नेवी के पास USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और USS टू जिमा एम्फीबियस रेडी ग्रुप मौजूद है।
ईरान कैसे करेगा मुकाबला?
- ईरान के पास 20 गदीर-क्लास की छोटी पनडुब्बियों का एक बेड़ा है, जिसे उत्तर कोरिया के डिजाइन के आधार पर देश में ही तैयार किया है।
- इस पनडुब्बी का वजन 125 टन है, जिसमें 7 सदस्यों का चालक दल होता है। यह दो 533mm के टारपीडो ले जा सकती है।
- ईरान के पास जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन भी हैं। लेकिन उसके पास फारस की खाड़ी से दूर समुद्र में चलने वाले जहाजों की कोई क्षमता नहीं है।
- ईरान के अधिकांश नौसैनिक जहाज अमेरिका ने युद्ध की शुरुआत में डुबो दिए थे। वहीं, उसका मुकाबला दुनिया की सबसे शक्तिशाली अमेरिकी नेवी से होना है।
- ऐसे में वह यही कर सकता है कि ज्यादा से ज्यादा जलडमरूमद्य के करीब अमेरिकी नेवी को निशाना बनाए। यही अमेरिकी सेना के लिए सबसे बड़ी मुश्किल भी है, क्योंकि होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिकी नेवी को पास जाना होगा।


