धरती पर लाखों साल की हलचल
- आज का अरब प्रायद्वीप लाखों वार्ष पहले गोंडवाना नामक विशाल दक्षिणी महाद्वीप में था। आज यह इलाका बदलाव के साथ अफ्रीका में बदल चुका है। इसके उत्तर में टेथीस महासागर था, जो इसे यूरेशिया के तटों से अलग करता था।
- लगभग 180 मिलियन वर्ष पहले गोंडवाना में टूट शुरू हुई, जिससे भारतीय और अरब प्लेटें उत्तर की ओर बढ़ीं। लाखों सालों तक ये प्लेटें यूरेशियाई प्लेट की तरफ गति करती रहीं। इस दौरान उनके बीच टेथीस सागर संकरा होता गया।
- आगे बढ़ते-बढ़ते अरब प्रायद्वीप यूरेशिया से टकराया तो पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में मौजूद चट्टानें टक्कर के चलते मुड़ गईं और बड़ी-बड़ी चोटियों में बदल गई है। यह जाग्रोस पर्वत थे। एक विशाल पर्वतमाला, जो तुर्की से ईरान और फिर फारस की खाड़ी तक फैली हुई है।
- जैसे अरब प्रायद्वीप का उत्तरी किनारा ऊपर उठा, उसके दक्षिण में स्थित बेसिन नीचे धंस गया। यह आगे चलकर फारस की खाड़ी बना। इसी तलहटी के नीचे चट्टानों की परत के नीचे तेल छिपा हुआ था। यह वही तेल था, जो टेथीस सागर के जमाने से चुपचाप बनता चला आ रहा था।


