ट्रंप ने किया युद्ध खत्म करने का ऐलान, ईरान ने कहा डील करीब, मिडिल ईस्ट में शांति कितनी पास?
Updated on
13-06-2026 12:13 PM
वॉशिंगटन/तेहरान: शांति की कई कोशिशों और अलग-अलग दावों के बाद अमेरिका व ईरान एक बार फिर समझौते का कागज लिए आमने-सामने खड़े हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने तो ऐलान भी कर दिया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। दोनों देशों के मुताबिक, शांति समझौते का शुरुआती मसौदा लगभग तैयार है। कुछ समय पहले तक असंभव लग रही डील इस रविवार को जिनेवा में हो सकती है।
पहले भी ऐलान
दोनों पक्षों के बीच 8 अप्रैल को दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित किया गया था। इसके बाद भी हालात हमेशा नाजुक बने रहे। इस दौरान ट्रंप ने कई बार दावा किया कि समझौता बस होने ही वाला है। पिछली बार मई आखिर में खबर आई थी कि दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। हालांकि दो दिन पहले ही ट्रंप ने धमकी दी कि वह ईरान पर बहुत बड़ा हमला करने जा रहे हैं, फिर उसे वापस ले लिया।
लेबनान का पेच
संघर्ष को खत्म करने में हमेशा से दो मुश्किलें रही हैं - हिजबुल्लाह के खिलाफ लेबनान में इजरायल की कार्रवाई और ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम। पिछली बार वॉशिंगटन-तेहरान की बातचीत इसी वजह से पटरी से उतर गई थी, क्योंकि इजरायल लगातार लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर रहा था। वही, न्यूक्लियर प्रोग्राम ऐसी रेड लाइन है, जिसे ईरान आज भी पार करने को तैयार नहीं।
मसौदे की बातें
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी जो मसौदा तैयार हुआ है, उसमें तय हुआ है कि लेबनान समेत सभी फ्रंट पर युद्ध तुरंत खत्म होगा। दरअसल ऐसा हुए बिना इलाके में शांति संभव ही नहीं है। इजरायल चाहता है कि ईरान और लेबनान को अलग-अलग देखा जाए, पर मौजूदा संकट ने बता दिया है कि अगर एक कोने में जंग शुरू होगी, तो असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। ट्रंप ने भले कह दिया है कि युद्ध खत्म, पर यही नेतन्याहू को भी कहना होगा। इसी तरह, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर तुरंत कोई बात बनना मुश्किल है।
तेल आया नीचे
बातचीत आगे बढ़ाने को लेकर अमेरिका ज्यादा उत्सुक लग रहा है, लेकिन जरूरी है कि अब कोई उकसावे वाला कदम न उठाया जाए। इस डील की दुनिया को सख्त जरूरत है। पिछले दिनों होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों ने ऑयल मार्केट को और दबाव में ला दिया था। ट्रंप के केवल शांति की बात करने से शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड आयल तीन महीने के न्यूनतम स्तर, 86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाजार ने भी गजब का उत्साह दिखाया, सेंसेक्स में 2.30% और निफ्टी में 1.99% की तेजी रही।
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