भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन आदमपुर खंती में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निपटान को लेकर तेजी दिखा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस परियोजना की राह अब भी आसान नहीं दिख रही।
जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद महापौर परिषद (एमआइसी) भी इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद सतर्क हो गई है। यही कारण है कि कचरा निपटान के प्रस्ताव को एमआइसी बैठक में मंजूरी नहीं मिली और अब इसे परिषद की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा गया है।
यह प्रस्ताव पहले भी दो बार एमआइसी की बैठकों में आ चुका है, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। जिंसी स्लॉटर हाउस के घटनाक्रम के बाद परिषद और अधिक सतर्क हो गई है। अब यह मामला परिषद बैठक में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नगर निगम पहले भी आदमपुर खंती के कचरे के निपटान के लिए कई प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। नवंबर 2023 में ग्रीन रिसोर्स सालिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को कार्यादेश दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा 30 मई 2024 तक काम पूरा नहीं होने पर अनुबंध निरस्त कर जुर्माना लगाया गया। इसके बाद जून 2025 में सुसज्जा जेवी आनंद ऑटो को काम सौंपा गया, लेकिन एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया, जिससे अगस्त 2025 में यह अनुबंध भी रद्द कर दिया गया।
नगर निगम अपने बेड़े से 145 कंडम वाहनों को हटाने की तैयारी कर रहा है। इनमें से 143 वाहन 15 साल पूरे कर चुके हैं, जबकि दो वाहन खराब स्थिति के कारण हटाए जाएंगे।