'बांग्लादेश-भारत के नये संबंध में अतीत की गलतियों से बचेंगे', PM तारिक रहमान के दूत का बड़ा बयान
Updated on
07-04-2026 12:26 PM
ढाका: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को भारत के साथ संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ ऐसे संबंध बनाना चाहता है जो 'लोगों से लोगों' के बीच संबंधों पर केंद्रित हों और जो सिर्फ व्यक्तियों और राजनीतिक दलों तक ही सीमित न रहें। प्रधानमंत्री रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कोबीर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच यह 'नया' संबंध 'पिछली गलतियों' को दोहराने से बचेगा।
हुमायूं कोबीर ने कहा 'हमारे द्विपक्षीय संबंध लोगों से लोगों के बीच के रिश्तों पर केंद्रित होने चाहिए ताकि वे किसी एक व्यक्ति पर केंद्रित न रहें। हम यही चाहते हैं और भारत की भी यही इच्छा है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस रिश्ते में अतीत की गलतियों को न दोहराया जाए।' हुमायूं कोबीर का ये बयान उस वक्त आया है जब भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने सोमवार 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की है। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कोबीर ने कहा कि दोनों पक्षों ने 'भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन' के माध्यम से ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री का आज से भारत दौरा
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान का आज से भारत दौरा शुरू हो रहा है और वो भारतीय एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करने वाले हैं। मुलाकात से पहले तारिक रहमान की सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे संकेत मिले हैं कि वो भारत के साथ संबंध सुधारना चाहते हैं। भारत ने भी संबंध सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं।
भारत ने 10 मार्च को 5,000 मीट्रिक टन हाई-स्पीड डीजल बांग्लादेश भेजा था और दोनों पक्ष ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच बांग्लादेश में बढ़ रहे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बातचीत कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कोबीर भी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ भारत की यात्रा पर जाएंगे। 5 अगस्त 2024 को हुए हिंसक प्रदर्शन की वजह से शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था और उसके बाद से बांग्लादेश की तरफ से विदेश मंत्री स्तर की यह पहली यात्रा होगी।
शेख हसीना के दौर से निकला बांग्लादेश- कोबीर
हुमायूं कोबीर ने कहा कि बांग्लादेश ने शेख हसीना के दौर को पीछे छोड़ दिया है और 'हमें एक नए रिश्ते के लिए एक नई जगह बनानी होगी क्योंकि हसीना-भारत जैसा रिश्ता अब संभव नहीं होगा। बांग्लादेश में हसीना की राजनीतिक ताकत खत्म हो चुकी है और उनका प्रभाव अब बिल्कुल भी नहीं बचा है।' उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को 'मुश्किल मुद्दों' से निपटने के लिए राजनीतिक दलों और अधिकारियों के स्तर पर ज्यादा बार बातचीत करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके।
बांग्लादेशी अखबार 'प्रथम आलो' ने सोमवार को बताया है कि विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की यात्रा के समय बांग्लादेश भारत के साथ गंगा जल संधि के नवीनीकरण और ऊर्जा सहयोग के अलावा कई और प्रतिबंधों को हटाने की मांग करेंगे। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में भारत ने बांग्लादेश सामानों को अपने बंदरगाहों से दूसरे देश भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया था जो अभी भी जारी है। बांग्लादेश उस प्रतिबंध को हटाने की मांग करेगा।
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