ट्रंप के संबोधन की मुख्य बातें
- अमेरिकी सेना ने ईरान में बहुत तेजी से और शानदार प्रगति की है। पिछले एक महीने में युद्ध के मैदान में अमेरिका ने तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है।
- ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ईरान की मिसाइल क्षमताएं, नौसैनिक संपत्तियां और सैन्य नेतृत्व बुरी तरह से कमजोर हो गए हैं। उनके सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं।
- अमेरिका अपने सभी रणनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के करीब है। इसमें ईरान का मिसाइल उत्पादन नष्ट करना और परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है।
- अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल पर निर्भर नहीं है और भविष्य में भी वहां से तेल नहीं लेगा। इस रास्ते पर निर्भर देश खुद होर्मुज जाकर मामले को संभालें।
- तेल-गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी एक अल्पकालिक वृद्धि है जो क्षेत्रीय तेल टैंकरों पर ईरान के हमलों के कारण हुई है। फिक्र ना करें क्योंकि ये कीमतें जल्द नीचे आ जाएंगी।
- हम इजरायल, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन सहित अपने क्षेत्रीय सहयोगियों को धन्यवाद करते हैं। अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देगा।
- तेहरान अगर तनाव बढ़ाता है या बातचीत करने से इनकार करता है,तो ईरान उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगाह। इसमें बिजली सुविधाएं शामिल हैं।
- इस संघर्ष का अंत शायद करीब है लेकिन ईरान अमेरिका की शर्तें मानने से इनकार करता है तो तनाव और बढ़ सकता है। ऐसा होने पर ईरान पर भीषण हमले किए जा सकते हैं।
- डोनाल्ड ट्रंप ने कई बाते कही हैं लेकिन नाटो से नाता तोड़ने, सीजफायर या ईरान में जमीनी हमले जैसी कोई नई घोषणा उन्होंने नहीं की है। उन्होंने ज्यादातर पुरानी बातों को दोहराया है।


