दबाव में है पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था
इस बीच, आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। डॉन की एक रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दबाव में रह सकती है। अगर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो महंगाई डबल डिजिट में रहने की उम्मीद है।टॉपलाइन सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अपनी ताजा 'पाकिस्तान स्ट्रैटेजी' रिपोर्ट में स्थिति को 'दीर्घकालिक और विकसित होती हुई' बताया। कहा कि कोई भी सुधार संघर्ष के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान पर निर्भर करता है।
महंगाई बढ़ने की टेंशन
ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले साल महंगाई औसतन 9 से 10% के बीच रह सकती है। मौजूदा परिस्थितियों में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के आंकड़े संभावित रूप से 11% से ऊपर जा सकते हैं।ये अनुमान लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमतों पर आधारित हैं। कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से महंगाई में लगभग 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी होती है। अगर कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाता है तो महंगाई सालाना लगभग 11% तक पहुंच सकती है। इससे संभावित रूप से स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को दरों में और बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।


