Select Date:

भारत के ये 300 कौन जो रूस में करेंगे एंट्री? ट्रंप की टेंशन बढ़नी तय, कितना बदलेगा बिजनेस का सीन

Updated on 15-12-2025 02:50 PM
नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच नजदीकी बढ़ती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद भारत और रूस, दोनों के लिए कई कारोबारी चिंताएं पैदा हो गई हैं। ऐसे में दोनों देश मिलकर इसका हल निकाल रहे हैं। अब भारत रूस के बाजार में अपना एक्सपोर्ट बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा है। भारत ने ऐसे 300 प्रोडक्ट की पहचान की है जिन्हें रूस के बाजार में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इसमें इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, कृषि उत्पाद और रसायन शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि यह कदम भारत और रूस के बीच साल 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों का हिस्सा है।

फिलहाल भारत इन उत्पादों में से केवल 1.7 अरब डॉलर का निर्यात ही रूस को करता है। जबकि रूस इन श्रेणियों में कुल 37.4 अरब डॉलर का आयात करता है। अधिकारी ने कहा कि यह बड़ा अंतर दिखाता है कि भारतीय निर्यातकों के लिए कितनी बड़ी जगह है जहां वे अपना व्यापार बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि निर्यात बढ़ने से भारत और रूस के बीच व्यापार घाटा भी कम हो सकता है, जो अभी 59 अरब डॉलर है। भारत के इस एक्सपोर्ट से ट्रंप की टेंशन बढ़नी तय है। क्योंकि ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है। लेकिन भारत ने अपने एक्सपोर्ट के लिए अब रूस जैसे दूसरे देश तलाशने शुरू कर दिए हैं।

प्रोडक्ट की लिस्ट तैयार

वाणिज्य मंत्रालय ने भारत की सप्लाई की ताकत और रूस की आयात मांग का मिलान करके इन उच्च-संभावना वाले प्रोडक्ट की सूची तैयार की है। इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, रसायन और कृषि उत्पाद प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरे हैं। यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और रूस की अधूरी जरूरतों को दर्शाता है। रूस के कुल आयात में भारत की हिस्सेदारी अभी भी लगभग 2.3 प्रतिशत ही है, जो काफी कम है।

आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी ज्यादा

रूस से भारत का आयात पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ा है। साल 2020 में जहां यह 5.94 अरब डॉलर था, वहीं साल 2024 में बढ़कर यह 64.24 अरब डॉलर हो गया। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण कच्चा तेल है, जिसका आयात 2 अरब डॉलर से बढ़कर 57 अरब डॉलर हो गया। अब भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 21 प्रतिशत रूस से ही खरीदता है, जिससे रूस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। इसके अलावा, रूस से उर्वरक और वनस्पति तेल भी बड़े पैमाने पर आयात किए जाते हैं।

भारत की किन चीजों की मांग?

  • निर्यात की बात करें तो कृषि और उससे जुड़े प्रोडक्ट रूस में अच्छी मांग में हैं। भारत वर्तमान में इस क्षेत्र में 452 मिलियन डॉलर के उत्पाद रूस को निर्यात करता है, जबकि रूस की कुल वैश्विक आयात मांग 3.9 अरब डॉलर है।
  • इंजीनियरिंग सामान में यह अंतर और भी बड़ा है। भारत केवल 90 मिलियन डॉलर का निर्यात करता है, जबकि रूस 2.7 अरब डॉलर का आयात करता है। यह अवसर और भी बढ़ रहा है क्योंकि रूस चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है।
  • रसायन और प्लास्टिक के मामले में भी यही स्थिति है। भारत 135 मिलियन डॉलर का निर्यात करता है, जबकि रूस 2.06 अरब डॉलर का आयात करता है।
  • भारत रूस को 546 मिलियन डॉलर के फार्मा उत्पाद निर्यात करता है, जबकि रूस का कुल आयात बिल 9.7 अरब डॉलर है। इससे भारतीय जेनेरिक दवाओं और एपीआई (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स) के लिए विकास की काफी गुंजाइश है।

इन क्षेत्रों में भी भारत के पास मौके

अधिकारी ने यह भी बताया कि इन बड़े क्षेत्रों के अलावा, कपड़ा, परिधान, चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और हल्के इंजीनियरिंग जैसी उद्योगों में भी निर्यात की अच्छी संभावना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धी है और रूस की उपभोक्ता आबादी काफी बड़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा उत्पादों की रूस के बाजार में अभी 1 प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है, लेकिन इनकी मांग काफी है। अगर वितरण चैनलों को मजबूत किया जाए तो इस मांग को पूरा किया जा सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 April 2026
नई दिल्‍ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ा ऐक्‍शन लिया है। शुक्रवार को उसने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। इस कदम से 24 अप्रैल से बैंक…
 25 April 2026
नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के बीच ऐसा हुआ। अखिल…
 25 April 2026
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अंबानी ने इसे एक निर्णायक मील का पत्थर बताते हुए संकेत…
 25 April 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की कमान अब नीतू समरा (Nitu Samra) के हाथों में आ गई है। उन्होंने एयरपोर्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। उन्होंने विदेशी सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमान…
 24 April 2026
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की नेटवर्थ में गुरुवार को भारी तेजी आई। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: सोने और चांदी की कीमत में आज फिर गिरावट आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में करीब 1,000 रुपये की गिरावट आई है जबकि चांदी…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में संकट को चलते हुए अब लगभग दो महीने हो गए हैं। ऐसे में भारतीय निर्यातक अपने कामकाज को सामान्य बनाने की कोशिश करने में जुटे हैं।…
 24 April 2026
नई दिल्‍ली: राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) से उनका सालों पुराना रिश्‍ता टूट गया है। उन्‍होंने AAP से इस्‍तीफा देकर बीजेपी का दामन थामने…
 22 April 2026
नई दिल्ली: आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल के सीईओ टिम कुक 15 साल की सर्विस के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं। वह अगस्त 2011 में ऐपल के सीईओ…
Advt.