वाराणसी में ओवरब्रिज पर स्कॉर्पियो रोककर सेल्फी ले रहे 5 दोस्तों की मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। सभी विंध्याचल दर्शन कर काशी लौट रहे थे। सोमवार सुबह 6 बजे प्रयागराज-वाराणसी हाईवे (NH-19) के ओवरब्रिज पर गाड़ी रोक दी।

गाड़ी खड़ी करके सभी बाहर निकल आए। ओवरब्रिज पर खड़े होकर तस्वीरें लेने लगे। अचानक तेज रफ्तार ट्रक पीछे से आया और स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लाशें 25 फीट तक बिखर गईं। स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा गायब हो गया।

3 दोस्तों के शव ओवरब्रिज पर, जबकि एक का शव 30 फीट नीचे गिर गया। एक युवक भी ओवरब्रिज के नीचे तड़पता मिला। हादसे के करीब 6 घंटे बाद एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई।

हादसे से चंद मिनट पहले की एक तस्वीर सामने आई। इसमें सभी स्कॉर्पियो (UP 65 EB 2199) को आगे खड़े हैं। यह इनकी आखिरी तस्वीर थी। इसके चंद मिनट बाद ही ट्रक इनको रौंदते हुए निकल गया।

हादसे में आनंद यादव (25), आलोक मिश्रा (30), प्रदीप सिंह (36), विद्वांशु यादव (30) और किशन यादव (35) की मौत हुई है। घायलों में सावन यादव (26), राजकुमार यादव (35) और निखिल (32) शामिल हैं। सभी घायलों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। हादसा जिला मुख्यालय से 27 किमी दूर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव में हुआ।


ट्रक 80 से 90 की स्पीड में था, ड्राइवर भागा

पुलिस के मुताबिक, ट्रक भी प्रयागराज से वाराणसी की तरफ आ रहा था। उसमें सेब लदा था। ट्रक की स्पीड 80 से 90 किमी के बीच थी। यही वजह है कि ओवरब्रिज पर अचानक स्कॉर्पियो खड़ी देखकर ड्राइवर ट्रक संभाल नहीं पाया। पीछे से स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी।

इससे स्कॉर्पियो करीब 30-40 मीटर तक आगे घिसटती चली गई। सभी 8 दोस्त भी गाड़ी के आसपास खड़े थे। ट्रक उनमें से 4 दोस्तों को रौंदता निकल गया, जबकि बाकी 4 दोस्त भी ट्रक की चपेट में आ गए।

हादसे के बाद करीब 200 मीटर दूर ड्राइवर ट्रक छोड़कर भाग गया। CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ड्राइवर को ट्रेस करने में जुटी है। जांच में स्कॉर्पियो के अंदर प्रसाद के डिब्बे, नारियल और चुनरी मिली।


निखिल के जन्मदिन पर विंध्याचल धाम गए थे दोस्त

निखिल के जन्मदिन पर सभी दोस्त विंध्याचल दर्शन करने गए थे। दर्शन करने के बाद सभी दोस्तों ने फोटो खिंचवाई। 7 लोग फोटो में दिख रहे हैं, जबकि 8वां दोस्त फोटो खींच रहा है।

प्रदीप ई-कॉमर्स कंपनी में मैनेजर, विद्वांशु करते थे ठेकेदारी

1. आलोक मिश्रा- पिसौर, शिवपुर के रहने वाले थे। पिता अजय किसान और मां उर्मिला गृहिणी हैं। 3 भाई-बहनों में आलोक दूसरे नंबर के थे। 12वीं तक की पढ़ाई की है। पिता ने बताया- 5 दिन बाद JIO कंपनी में जॉइन करने वाले थे।

2. विद्वांशु यादव- वीडीए कॉलोनी शिवपुर के रहने वाले थे। ठेकेदारी करते थे। 3 भाइयों में दूसरे नंबर के थे। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। मां मृदुला देवी हाउसवाइफ हैं।

3. प्रदीप सिंह- चोलापुर के रहने वाले थे। ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में मैनेजर के पद पर थे। इनका एक बेटा है। मौत की सूचना मिलने पर पत्नी सोना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

4. आनंद यादव- शिवपुर के रहने वाले थे।

5. किशन यादव-


चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे

5 लोगों की मौत की सूचना पर चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। इससे पहले घटनास्थल पर सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी पहुंचे।

इंस्पेक्टर मिर्जामुराद गोपालजी कुशवाह ने बताया-

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आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि कार सवार लोग ओवरब्रिज पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।


लखनऊ के हजरतगंज में हुए शिवा हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब श्रद्धा दुबे की स्कॉर्पियो चलाने वाले ड्राइवर ने उसके ट्रैप करने का खुलासा किया है। उसने बताया है कि श्रद्धा किस तरह देर रात तैयार होकर पार्टी के लिए निकलती थी। मंहगे कैफे और क्लबों में जाकर रईसजादों से दोस्ती करती।