मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर के करीब साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षक लामबंद हो गए हैं।
शिक्षकों के विरोध की मुख्य वजह हाजिरी के लिए भरवाया जा रहा ऑनलाइन सहमति पत्र है, जिसमें डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 का हवाला दिया गया है। शिक्षक संगठनों को डर है कि उनका निजी डेटा चोरी हो सकता है और उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में थर्ड पार्टी की दखलंदाजी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।