नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत की गई। जांच के लिए दो विशेष टीमें मैदान में उतरीं। एक टीम ने आसमान से ड्रोन के जरिए तस्वीरें कैद कीं, तो दूसरी ने जमीन पर उतरकर ग्राउंड ट्रुथिंग की।
शुरुआती जांच में ही यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि तालाब का दायरा रिकॉर्ड में दर्ज सीमा से कहीं ज्यादा है। कई जगहों पर जलस्तर रिटेनिंग वॉल को भी पार कर चुका है, जिससे बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण और सीमा चिह्नों (मुनारों) के गायब होने की पोल खुल गई है।