टैक्स छूट पर खतरा
उन्होंने इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के उन प्रावधानों का हवाला दिया जो रजिस्टर्ड नॉन-प्रॉफिट संगठनों की कमर्शियल गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि ट्रस्ट के चैरिटेबल उद्देश्यों से सीधे तौर पर जुड़ी न होने वाली गतिविधियां उसके टैक्स रजिस्ट्रेशन और छूट को खतरे में डाल सकती हैं।सिंह ने कहा, "टाटा संस में SDTT की हिस्सेदारी की बड़ी वैल्यू को देखते हुए, ट्रस्ट और उसके चैरिटेबल फंड पर इसके बहुत बड़े असर हो सकते हैं।" श्रीनिवासन और सिंह की ओर से दी गई दो अर्जियां अब महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के पास हैं। इस बीच बुधवार को टाटा ट्रस्ट्स ने भी चैरिटी कमिश्नर के सामने एक अर्जी दी। इसमें कहा गया कि शिकायतों पर कोई भी फैसला लेने से पहले उनकी बात सुनी जाए।


