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चीन की गोद में जा रहा भारत का मुस्लिम दोस्‍त देश, कर्ज का जाल बने बीआरआई पर लगाएगा दांव, जानें पूरा मामला

Updated on 12-09-2024 03:06 PM
दुबई: पाकिस्‍तान से लेकर अफ्रीका तक के देशों को कर्ज के जाल में फंसाने वाले चीन के बेल्‍ट एंड रोड प्राजेक्‍ट के जाल में अब एक और देश फंसने जा रहा है। भारत का चौथा सबसे बड़ा व्‍यापारिक साझेदार संयुक्‍त अरब अमीरात चीन के बेल्‍ट एंड रोड प्रॉजेक्‍ट में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। विश्‍लेषकों का कहना है कि सऊदी अरब समेत खाड़ी के अन्‍य देशों की तरह से यूएई भी चीन के करीब बढ़ता दिख रहा है और बीजिंग के वैश्विक आर्थिक फुटप्रिंट में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाना चाहता है। यूएई के इस कदम का वैश्विक और क्षेत्रीय असर हो सकता है। वह भी तब जब शिया मुल्‍क ईरान पूरे मिडिल ईस्‍ट में एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।

यूएई की न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक यूएई बड़ा क्षेत्रीय और वैश्विक खिलाड़ी बनकर उभरा है। इससे यूएई एक प्रभावशाली आर्थिक ताकत बनकर उभरा है और खासतौर पर वैश्विक पहलों जैसे चीन के बेल्‍ट एंड रोड को सपोर्ट किया है जिसे चीन के राष्‍ट्रपति ने साल 2013 में शुरू किया था। चीन के बीआरआई को लेकर बुधवार और गुरुवार को बड़ी बैठक होने जा रही है। यूएई इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी करने की उम्‍मीद कर रहा है। इसमें कहा गया है कि यूएई बीआरआई के अंदर महत्‍वपूर्ण योगदान देना जारी रखेगा। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई ने चीन के साथ संयुक्‍त निवेश सहयोग फंड में 10 अरब डॉलर का निवेश किया है ताकि पूर्वी अफ्रीका में बीआरआई प्रॉजेक्‍ट को सपोर्ट किया जा सके।

खाड़ी देशों में बढ़ रहा है चीन का प्रभाव


यूएई चीन के साथ जुड़े देशों के साथ बहुत बड़े पैमाने पर व्‍यापार कर रहा है। यह सम्‍मेलन ऐसे समय पर हो रहा है जब यूएई और चीन के बीच कूटनीतिक रिश्‍ते की शुरुआत के 40 साल पूरे हुए हैं। चीन अब यूएई का सबसे बड़ा व्‍यापारिक साझीदार है। दोनों देशों के बीच साल 2024 के पहले 6 महीने में व्‍यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसमें करीब 19 बिल‍ियन डॉलर का यूएई ने चीन को निर्यात किया है। यूएई ने एक तरफ अमेरिका और इजरायल के अब्राहम समझौते पर हस्‍ताक्षर कर रखा है, तो दूसरी ओर वह चीन के साथ भी दोस्‍ती बढ़ा रहा है।

रूस, चीन और ईरान की कोशिश है कि विश्‍व व्‍यवस्‍था में पश्चिमी देशों के आधिपत्‍य को चुनौती दिया जाए। वे यूएई जैसे देशों को अपने साथ ला रहे हैं। अब तक पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका सबसे बड़ा खिलाड़ी था लेकिन अब चीन तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन ने ईरान और सऊदी अरब के बीच दोस्‍ती कराई है। अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में कई सैन्‍य अड्डे बना रखे हैं और इसकी मदद से वह ईरान और उसके सहयोगी देशों पर नकेल कसे रखता है। भारत अभी यूएई के साथ बहुत तेजी से अपने रिश्‍ते मजबूत कर रहा है। भारत रूस से तेल यूएई के रास्‍ते खरीद रहा है। भारत यूएई का व्‍यापार भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। यूएई अगर चीन के करीब जाता है तो भारत के लिए टेंशन बढ़ सकती है।

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