ईरान को मिला भारत वाला रूसी ब्रह्मास्त्र, पहली बार किया S-400 मिसाइल डिफेंस का टेस्ट, अब इजरायल-अमेरिका को मिलेगा जवाब
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29-07-2025 01:50 PM
तेहरान: इजरायल के साथ 12 दिनों का खत्म होने के लगभग एक महीने बाद ईरान ने कुछ ऐसा किया है, जो मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को नया रूप दे सकता है। कथित रूप से ईरान ने रूस निर्मित S-400 वायु रक्षा प्रणाली का पहला ऑपरेशनल परीक्षण किया है। ईरानी डिफेंस मीडिया आउटलेट birun.info ने ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, रूसी वायु रक्षा प्रणाली का ऑपरेशनल परीक्षण 26 जुलाई 2025 को तेहरान से लगभग 440 किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस्फहान शहर के पास हुआ था।
इस्फहान ईरान का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है, जहां ईरानी परमाणु सुविधा पर इजराल और अमेरिका ने बमबारी की थी। ईरान की धरती पर यह S-400 प्रणाली की पहली वास्तविक तैनाती की पुष्टि है, जिसे क्षेत्रीय विश्लेषकों ने इजरायल और अमेरिका के लिए साफ संदेश बताया है। विश्लेषकों का कहना है कि अब तेहरान के हवाई क्षेत्र में बिना किसी बड़ी कीमत चुकाए आसानी से घुसपैठ नहीं की जा सकेगी।
इजरायल और अमेरिका के लिए खतरा
इसके पहले जून में हुए हवाई युद्ध के दौरान इजरायली विमानों ने ईरान के एयरस्पेस पर कब्जा करने का दावा किया था। इजरायल ने हवाई हमलों में ईरान की वायु रक्षा को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। यहां तक कि ईरान के पास मौजूद रूस की S-300 वायु रक्षा प्रणाली भी इजरायली हमलों का निशाना बनी थी। लेकिन अब S-400 के रूप में दुनिया की सबसे एडवांस लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों में से एक की तैनाती के बाद ईरानी एयरस्पेस में घुसना आसान नहीं होगा।
किस मिसाइल का किया परीक्षण?
डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षण की गई मिसाइल रक्षा प्रणाली पूर्णतः S-400 बैटरी मालूम पड़ती है, जिसमें 91N6E बिग बर्ड अधिग्रहण रेडार, 92N6E ग्रेव स्टोन एंगेजमेंट रेडार, केंद्रीकृत कमांड-एंड-कंट्रोल यूनिट और कई 5P85TE2 ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर शामिल हैं। कथित तौर पर ऑपरेशनल अभ्यास में जिन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, उनमें 250 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली 48N6E3 मिसाइल शामिल है, जो 380 किमी की दूरी पर लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है।
ईरान ने नहीं की है आधिकारिक पुष्टि
हालांकि, ईरान के रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इस परीक्षण की कोई आधिकारिक पुष्टि या फुटेज जारी नहीं किया है, लेकिन OSINT प्लेटफॉर्म ने S-400 रेडार प्रोफाइल के अनुरूप असामान्य उत्सर्जन की पुष्टि की है। डिफेंस सिक्योरिटी एशिया ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित एक रक्षा विशेषज्ञ के हवाले से बताया, ईरान में एस-400 का परीक्षण F-35I जैसे इजरायली पांचवीं पीढ़ी के प्लेटफॉर्म के सामने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य क्षेत्रों तक दुश्मन की पहुंच को रोकने की इसकी क्षमता में एक गुणात्मक उछाल का संकेत देता है।
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