ये होंगे फायदे
- संजय लोहिया के मुताबिक इस पहल से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को भी अपने ऋण पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद मिलेगी।
- कृषि ऋण पर अधिक निर्भरता के बजाय एमएसएमई क्षेत्र को ऋण देने से उनकी व्यवसायिक गतिविधियां और मजबूत होंगी।
- नियम-आधारित डिजिटल अंडरराइटिंग प्रणाली के उपयोग से परिसंपत्तियों की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।


