Select Date:

अब पुरुषों में बांझपन की होगी सटीक जांच, एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने खोजी नई तकनीक

Updated on 06-04-2026 11:43 AM

भोपाल। अक्सर देखा गया है कि जब किसी दंपती को संतान सुख नहीं मिलता, तो सारा दोष महिलाओं पर मढ़ दिया जाता है। आधुनिक शोध बताते हैं कि लगभग आधे मामलों में समस्या पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसी दिशा में एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने एक ऐसी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स भोपाल की इस खोज से अब उन पुरुषों का इलाज आसान हो जाएगा, जिनकी सामान्य रिपोर्ट तो ठीक आती है, फिर भी वे पिता नहीं बन पाते।

एम्स भोपाल के पैथोलाजी विभाग की डॉ. हेमलता पंवार ने बताया कि अब तक पुरुष बांझपन की जांच के लिए केवल ''वीर्य की सामान्य जांच'' की जाती थी, जिसमें शुक्राणुओं की संख्या और उनकी चाल देखी जाती थी। लेकिन, एम्स के इस नए शोध डीएनए फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स ने यह साबित कर दिया है कि कई बार शुक्राणु संख्या में तो ठीक होते हैं, लेकिन उनके अंदर का ''डीएनए'' (वंशानुगत सामग्री) टूटा हुआ या डैमेज होता है। यह डैमेज सामान्य जांच में दिखाई नहीं देता, जिसे अब इस नई तकनीक से पकड़ा जा सकेगा।

डॉक्टरों की टीम ने अपने अध्ययन में बताया कि जो पुरुष धूम्रपान (सिगरेट-बीड़ी) करते हैं, उनके शुक्राणुओं का डीएनए 30 प्रतिशत से ज्यादा खराब पाया गया। सिगरेट के धुएं से शरीर में ''आक्सीडेटिव स्ट्रेस'' बढ़ता है, जो सीधे तौर पर पिता बनने की क्षमता को खत्म कर देता है। डॉ. हेमलता पंवार ने अमेरिका में आयोजित एक सम्मेलन में अपना यह शोध प्रस्तुत किया है।

आम आदमी को ये होगा फायदा पुरुषों

  • कई बार लोग सालों तक गलत इलाज कराते रहते हैं। इस जांच से बीमारी की असली जड़ पहले ही पता चल जाएगी।
  • रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर यह तय कर पाएंगे कि मरीज को सिर्फ दवाओं की जरूरत है या किसी अन्य एडवांस तकनीक की।
  • सही समय पर सही जांच होने से मरीजों का पैसा और समय दोनों बचेगा।
  • उन दंपतियों के लिए यह वरदान है, जो आईवीएफ फेल होने के बाद निराश हो चुके हैं।

ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

  • तंबाकू और सिगरेट का सेवन तुरंत बंद करें।
  • ताजे फल और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करें।
  • रोजाना योग या हल्की कसरत करें।
  • यदि एक साल तक प्रयास के बाद भी संतान सुख नहीं मिल रहा, तो शर्म छोड़कर विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें।

इनका कहना है

हमारा उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे शोध करना है, जिसका फायदा सीधे आम आदमी को मिले। इस नई तकनीक से पुरुष बांझपन की जांच अब और भी भरोसेमंद हो जाएगी। यह गर्व की बात है कि भोपाल के डॉक्टरों के काम को अमेरिका जैसे देशों में पहचान मिल रही है। डॉ. हेमलता पंवार, एम्स भोपाल के पैथोलाजी विभाग।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.