Select Date:

MP में 3.5 लाख NGO पर ऑनलाइन शिकंजा, ई-साइन और ऑडिट अनिवार्य

Updated on 25-08-2026 03:33 PM

मध्य प्रदेश में केवल कागजों पर चल रहे फर्जी एनजीओ (NGO), ट्रस्ट, शिक्षण समितियों और सोसायटियों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश भर में संचालित करीब 3.5 लाख गैर-सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के कामकाज, चुनाव और खर्च की निगरानी अब पूरी तरह से ऑनलाइन की जाएगी।

रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने इन संस्थाओं के लिए अपनी वार्षिक जानकारी जमा करने की व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। इस बड़े कदम से बिना ऑडिट और फर्जी तरीके से चल रही संस्थाओं की पहचान करना आसान हो जाएगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

ई-साइन हुआ अनिवार्य, बिना मर्जी कोई नहीं बनेगा सदस्य

  • इस नई व्यवस्था (धारा-27) के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ई-साइन (इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर) को लेकर किया गया है। अब संस्था की साधारण सभा की बैठक के 45 दिनों के भीतर नई कार्यकारिणी की सूची जमा करना अनिवार्य है। इसके लिए संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का ई-प्रमाणीकरण (ई-साइन) जरूरी होगा।
  • जब तक सभी का सत्यापन नहीं हो जाता, आवेदन जमा नहीं माना जाएगा। इस नियम से अब किसी भी व्यक्ति को उसकी जानकारी या सहमति के बिना चुपचाप संस्था का सदस्य या पदाधिकारी नहीं बनाया जा सकेगा। समय पर आवेदन जमा करने पर 1,000 रुपये और देरी होने पर 2,000 रुपये शुल्क देना होगा।

एक लाख से अधिक के लेन-देन पर सीए का यूडीआईएन (UDIN) जरूरी

  • वित्तीय मामलों (धारा-28) में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों को और सख्त किया गया है। संस्थाओं को हर साल 30 अप्रैल से 90 दिनों के भीतर अपनी वार्षिक बैलेंस शीट और आय-व्यय का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर देना होगा।
  • यदि संस्था का सालाना लेन-देन एक लाख रुपये से अधिक का है, तो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का यूडीआईएन (UDIN) नंबर दर्ज करना और सीए की ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, इसके लिए कोषाध्यक्ष का ई-साइन और अध्यक्ष या सचिव में से किसी एक द्वारा सत्यापन करना भी आवश्यक होगा।

ऑनलाइन सुधरेंगी आपत्तियां, बाबुओं और एजेंटों से मिलेगी मुक्ति

  • पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से संस्थाओं को बड़ी राहत भी मिली है। यदि विभाग की तरफ से दस्तावेजों में कोई त्रुटि या आपत्ति निकाली जाती है, तो संस्था के लोग उसे सीधे पोर्टल पर देखकर ऑनलाइन ही सुधार कर सकेंगे।
  • आवेदन प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत एक वैध कंप्यूटर जनरेटेड पावती (रिसिप्ट) मिल जाएगी। इस पारदर्शी प्रणाली के कारण अब किसी भी काम के लिए एजेंटों या दफ्तरों के बाबुओं पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 September 2026
भोपाल, भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गर्मा गई। उन्होंने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल…
 07 September 2026
भोपाल। फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस…
 07 September 2026
 भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के…
 07 September 2026
भोपाल : जीआइएस के दौरान शहर में लगाए गए फाउंटेन के कथित घोटाले की जांच में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ही सवाल…
 07 September 2026
भोपाल। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। नरसिंहगढ़ से इलाज कराने भोपाल आई 62 वर्षीय अशरफी बाई को…
 07 September 2026
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर भोपाल के बड़े तालाब की वास्तविक और कागजी सीमा का सच जानने के लिए रविवार को गौहर महल से सघन सर्वे की शुरुआत…
 07 September 2026
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस नई प्रणाली के खिलाफ प्रदेश भर…
 07 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का सब्र अब जवाब दे गया है। सरकार के कोरे आश्वासनों से…
 07 September 2026
राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू…
Advt.