मध्य प्रदेश में केवल कागजों पर चल रहे फर्जी एनजीओ (NGO), ट्रस्ट, शिक्षण समितियों और सोसायटियों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश भर में संचालित करीब 3.5 लाख गैर-सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के कामकाज, चुनाव और खर्च की निगरानी अब पूरी तरह से ऑनलाइन की जाएगी।
रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने इन संस्थाओं के लिए अपनी वार्षिक जानकारी जमा करने की व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। इस बड़े कदम से बिना ऑडिट और फर्जी तरीके से चल रही संस्थाओं की पहचान करना आसान हो जाएगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।