भारत और इजरायल के लिए बताया संदेश
दूसरे पाकिस्तानी एक्सपर्ट भी इसे बड़े बदलाव के रूप में देखते हैं। जावीद हुसैन 1997 से 2003 तक ईरान में पाकिस्तान के राजदूत रहे हैं। हुसैन ने समझौते के विशेष प्रावधान का उल्लेख किया जिसके अनुसार एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। उनका कहना है कि यह भारत या इजरायल जैसे देशों को एक स्पष्ट संदेश देगा और उन्हें पाकिस्तान या सऊदी अरब के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाने की हिम्मत करने से रोकेगा।अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ हुमा बुकाई ने जियो टीवी पर कहा कि यह रक्षा समझौता क्षेत्रीय भू-राजनीति को नया रूप दे सकता है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि यह दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के शक्ति समीकरण को प्रभावित करेगा।


